उदयपुर — विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज प्रकृति रिसर्च सोसाइटी द्वारा एक सफल राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से 200 से अधिक प्रतिभागी ऑनलाइन जुड़े। वेबिनार का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और सतत विकास के क्षेत्र में ज्ञान-साझा करना तथा प्रभावी सामुदायिक कदमों पर चर्चा करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. सुदीश नांगिया ने की, जबकि स्वागत भाषण संस्थापक प्रो. पी. आर. व्यास ने दिया। मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. पी. सी. त्रिवेदी ने पर्यावरणीय चुनौतियों और स्थानीय स्तर पर उठाए जाने वाले व्यावहारिक समाधानों पर विस्तृत विचार प्रस्तुत किए। मुख्य वक्ता के विचारों ने श्रोताओं में गहरा प्रभाव छोड़ा और कई उपयोगी सुझाव दिए गए जो शहरी तथा ग्रामीण दोनों समुदायों में लागू किए जा सकते हैं।
वेबिनार में विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रो. विमल शर्मा, प्रो. वेंकटेश सुदेश और सतीश श्रीमाली, आर पी शर्मा, बी एल स्वर्णकार, अमेरिका से मनीष व्यास एवं मुकुल व्यास ने भी सहभागिता की और अपने-अपने क्षेत्रों — संरक्षण नीति, सामुदायिक प्रशिक्षण और पर्यावरण शिक्षा — से जुड़े अनुभव साझा किए। साथ ही प्रो. एम. एस. नेगी और प्रो. एस. वी. चौहान ने तकनीकी और शैक्षिक पहलुओं पर महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ दीं।
प्रकृति रिसर्च सोसाइटी के कार्यक्रम संयोजक डॉ प्रदीप त्रिका एवं मीडिया प्रभारी प्रो विमल शर्मा ने बताया कि वेबिनार में भाग लेने वाले 200+ ऑनलाइन प्रतिभागियों ने सत्र के दौरान सक्रिय प्रश्न एवं सुझाव प्रस्तुत किए, जिनमें स्थानीय स्तर पर पौधारोपण अभियानों को मजबूत करने, जल संरक्षण उपायों को बढ़ावा देने और युवा पीढ़ी में पर्यावरणीय जागरूकता फैलाने के व्यावहारिक कदम शामिल थे। कार्यक्रम के अंत में भविष्य में सामुदायिक कार्यशालाओं और सहयोगी परियोजनाओं पर आगे काम करने की घोषणा भी की गई।
प्रकृति रिसर्च सोसाइटी सचिव डॉ हीरा लाल व्यास ने सभी वक्ताओं, अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद व्यक्त किया और आम जनता से अनुरोध किया कि वे छोटे-छोटे दैनिक प्रयासों (प्लास्टिक उपयोग घटाना, जल की बचत, स्थानीय पौधारोपण) टीवी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएँ। केंद पर कमलेश श्रीमाली, डॉ किरण मीणा, विमला व्यास, डॉ शारदा जोशी, अजय उपस्थित रहें।