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मुस्कान क्लब में सजी कराओके की सुरीली महफिल

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06 Jun 26
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मुस्कान क्लब में सजी कराओके की सुरीली महफिल

उदयपुर  |  मुस्कान क्लब यूथ वे विजेटेड में हर तीसरे माह आयोजित होने वाली कराओके महफिल में 22 कलाकारों ने सुरीली आवाज में प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया ।
बंसी लाल लोहार की ईश वंदना के पश्चात सुधा व्यास (रहें न रहें हम ), ईश्वर जैन कौस्तुभ (ज़रा नज़रों से कह दो),  हरीश बहादुर सिंह (ए मेरी जो़हरा जंबी ), अशोक कुमार जोशी -ये ज़ुल्फ़ अगर खुल,  शीला चौधरी (मुझे तेरी मोहब्बत का सहारा ), प्रो. विमल शर्मा (एक प्यार का नगमा है ), वर्षा मेहता (तेरा मेरा प्यार अमर है ), राजकुमार बाफना (दिल  की आवाज़ भी सुन ), ए.के.शर्मा (वादियाँ मेरा दामन ), के .के त्रिपाठी - जाने बहार हुस्न तेरा, हेमा जोशी - मैं तो भूल चली, मधु वर्डिया- चंदन सा बदन , सविता उपाध्याय  --चिंगारी कोई भड़कें, मंजू गर्ग (छू लेने दो नाजुक होठों को ), चंद्र सिह सांखला (मेहबूब मेरे मेहबूब मेरे ), चंद्रकांता तिवारी  _ क्या खूब लगती हो, दिनेश तिवारी  _  तारों से प्यारे , अमर माथुर - इशारों इशारों, कुलबीर सिंह - ओ मेरे दिल के चैन, दिलीप पोरवाल -जिस गली में तेरा घर, अरूण चौबीसा - गोरे गोरे गालों, की सदाबहार प्रस्तुति का 108 सदस्यों ने आनंद लिया।
मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने  बताया कि के के त्रिपाठी द्वारा संचालित मुस्कान क्लब कराओके ग्रुप मैं सभी  सदस्य हर शनिवार को थीम आधारित अपना पसंदीदा गाना रिकॉर्ड कर ऑनलाइन प्रेषित करता है जिसे सभी सुन अपनी प्रतिक्रिया देते हैं। प्रतिस्पर्धा ना रहे इसलिए कोई गाना रिपीट नहीं होता वह सभी अपना रियाज भली भांति जारी रखते है। तीसरे माह के प्रथम शनिवार को श्रोताओं के लिए स्टेज पर कार्यक्रम आयोजित करते रहने का प्रयास जारी रहेगा।
 


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