उदयपुर। राजकीय पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान में शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में संगोष्ठी आयोजित हुई।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए संस्थान के उपनिदेशक डाॅ द्वारकाप्रसाद गुप्ता ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण व्यक्ति विशेष या क्षेत्र विशेष से नहीं अपितु सामुदायिक प्रयासों से ही संभव है। पर्यावरण प्रदूषण एवं उसके दोष को ढूंढने से बेहतर है कि हम सब मिलकर प्रयास करें एवं पर्यावरण संरक्षण में कहीं देर ना हो जाये इस हेतु हमें अधिक से अधिक वृक्षारोपण कार्यक्रम को अपनाना होगा। डॉ. गुप्ता ने अवगत कराया कि पशुपालन देश की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपुर्ण आधार है यह केवल दूध मॉस व अन्य उत्पाद ही नहीं देता बल्की पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भुमिका निभाता है। हमें वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल पशुपालन को बढ़ावा देना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण निश्चित किया जा सके। पशुपालन और पर्यावरण संरक्षण एक दूसरे के पुरक है। मुख्य अतिथि हिनल गुप्ता की उपस्थिति में वृक्षारोपण किया गया। वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. ओमप्रकाश साहू ने पॉलीथिन पशुओं के लिए अभिशाप एवं पर्यावरण के लिए भयावह खतरा है पर विचार रखे। वरिष्ठ पशुचिकित्साधिकारी डॉ. पदमा मील एवं डॉ. ममता सोनी ने भी विचार व्यक्त किए।