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-महाराणा प्रताप जयंती व हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतुःशती उत्सव

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06 Jun 26
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-महाराणा प्रताप जयंती व हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतुःशती उत्सव

उदयपुर। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती और हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने के उत्सव के लिए प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ भी निखर रहा है। करीब 25 बीघा में फैले प्रताप गौरव केन्द्र परिसर का कोना-कोना नए रंगरोगन से दमक रहा है, वहीं यहां लगे 40 हजार छोटे-बड़े नाना प्रकार के पेड़-पौधों की क्यारियों, गमलों को भी संवारा जा रहा है ताकि अरावली की गोद में स्थित पूरा केन्द्र परिसर हरा-भरा स्वच्छ सुंदर नजर आए।

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अंतर्गत संचालित प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि महाराणा प्रताप के हल्दीघाटी युद्ध विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए। संयोग है कि इस 18 जून को हल्दीघाटी विजय दिवस से ठीक एक दिन पहले ही ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया है और महाराणा प्रताप का जन्म इसी तिथि पर हुआ था। पूरा देश 17 जून को महाराणा प्रताप जयंती मनाएगा। इसी दिन हल्दीघाटी विजय के 450वें वर्ष के तहत प्रताप गौरव केन्द्र के तत्वावधान में चल रहे आयोजनों का समापन भी होगा।

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के महामंत्री दीपक कुमार शुक्ल ने बताया कि 17 जून को महाराणा भूपाल स्टेडियम गांधी ग्राउण्ड में प्रातः 9 बजे होने वाली विशाल राष्ट्र चेतना संकल्प सभा में मेवाड़-वागड़ सहित राजस्थान और देश के विभिन्न कोनों से बड़ी संख्या में अतिथियों का आगमन होगा। इस विशाल सभा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डाॅ. मोहन भागवत संबोधित करेंगे। इसी के निमित्त तैयारियां जारी हैं।

आज होगा पर्यावरण में महाराणा प्रताप के योगदान पर मंथन

-कार्यक्रम संयोजक सीए महावीर चपलोत ने बताया कि रविवार को प्रताप गौरव केन्द्र में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में महाराणा प्रताप के पर्यावरण व प्रकृति संरक्षण में योगदान पर गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, केन्द्र परिसर में मेवाड़ के अरावली क्षेत्र में पाई जाने वाली मूल वनस्पतियों नीम, गूलर, पलाश, कड़ाया, महुआ, देसी सागवान, गुग्गल, सेमल आदि के पौधों का रोपण भी किया जाएगा। 
 


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