उदयपुर। जीवन यात्रा के उतार-चढ़ाव तथा बाप-बेटे के संबंधों की मार्मिक कथा रविवार की शाम शिल्पग्राम उदयपुर स्थित दर्पण सभागार में मंचित की गई। यह आयोजन पश्चिम क्षेत्र सास्कृतिक केंद्र उदयपुर द्वारा प्रति माह आयोजित होने वाली मासिक नाट्य संध्या ‘रंगशाला’ के अंतर्गत किया गया।
पश्चिम क्षेत्र सास्कृतिक केंद्र उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि रंगशाला के अंतर्गत प्रिज्म थिएटर सोसायटी दिल्ली द्वारा साइकिल ऑफ लाईफ नाटक का मंचन रविवार को शिल्पग्राम उदयपुर स्थित दर्पण सभागार में किया गया। इस नाटक की परिकल्पना एवं निर्देशन गिन्नी बब्बर ने की। दर्शकों से खचाखच भरे सभागार में इस प्रभावशाली प्रस्तुति को खूब सराहा गया।
नाटक में ललित प्रकाश ने बुजुर्ग बाप, निशांत कुमार ठाकुर ने बेटे तथा ज्योति नागपाल ने मां की भूमिका निभाते हुए नाटक में जीवन चक्र का बखूबी चित्रण किया। बाप-बेटे की नोकझोंक से शुरू होकर नाटक बाप की मृत्यु उपरांत बेटे के जीवन में बदलाव तथा इस पूरे परिदृश्य में मां की स्थिति का चित्रण अभिनेताओं ने जीवंत कर दिया। नाटक में लाइटिंग का दायित्व निर्वहन विकास बाहरी ने किया।
रंगमंच प्रेमियों ने पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की इस पहल की प्रशंसा करते हुए ऐसे आयोजनों के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों का सम्मान किया गया।
इस अवसर पर केन्द्र के उपनिदेशक (कार्यक्रम) पवन अमरावत, अधीक्षण अभियंता सी.एल. सालवी, कार्यक्रम अधिशाषी हेमंत मेहता, सिद्धांत भटनागर सहित केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी एवं शहर के अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक (वित्तीय एवं लेखा) दुर्गेश चांदवानी ने किया।