उदयपुर | भारतीय लोक कला मण्डल, उदयपुर द्वारा आयोजित किये जा रहे एक माह के ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह के अवसर पर प्रतिभागियों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दी । भारतीय लोक कला मण्डल, उदयपुर द्वारा विगत 74 वर्षो से लोक कलाओं के प्रचार-प्रसार एवं आमजन को लोक कलाओं में प्रशिक्षित करने का कार्य किया जा रहा है और इसी उद्देश्य से संस्था में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। शिविर के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दी।
कार्यक्रम की शुरूआत में कार्यक्रम के गणमान्य अतिथियों, संस्था के मादन सचिव सत्य प्रकाश गौड़ एवं संस्था निदेशक ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। सर्व प्रथम लोक नृत्य प्रतिभागियों ने सर्व प्रथम सरस्वती वंदना, उसके बाद राजस्थानी लोक नृत्य - मीठे रस से भरियोंडी, और रंग दे माने ओजू, जलारे मे तो जला रे, चुड़ी चमके, ओ लुक छिप ना जाओं जी, कालियों कूद पड़ियों मेला आदि की प्रस्तुतियां दी। उसके बाद लोक गायन के प्रतिभागियों ने राजस्थानी गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी। उसके बाद प्रतिभागियों द्वारा लघु दस्ताना पुतली नाटक ‘‘सोशियल मीडिया के दूष्प्रभाव’’ का मंचन किया गया जिसमें वर्तमान समय में सोशियल मीडिया द्वारा युवाओं पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को नाटिका में सम्मलित कर आमजन को सोशियल मीडियों के उपयोग को सोच समझकर करने की जानकारी देने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के अंत में लोक वाद्यन के प्रतिभागियों ने हारमोनियम एवं ढोलक पर - ओम जय जगदीश, आओं नी पधारों मारे देश एवं हरे रामा, हरे कृष्णा की प्रस्तुतियां दी।
कार्यक्रम के अंत में गणमान्य अतिथियों एवं संस्था के मानद सचिव सत्य प्रकाश गौड़ ने प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किये।
संस्था निदेशक डॉ. लईक हुसैन ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं अभिभावकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस वर्ष संस्था द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन लोक कला प्रशिक्षण शिविर में कुल 55 प्रतिभागियों को लोक नृत्य, लोक गीत, लोक वादन एवं दस्ताना पुतली का प्रशिक्षण दिया गया। संस्था द्वारा आगे भी इस तरह के प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में उन्होंने बताया कि संस्था में 06 मई 2026 चल रहे प्रस्तुति परक नाट्य प्रशिक्षण शिविर का समापन दिनांक 17 जून 2026 को होगा इस अवसर पर प्रतिभागियों द्वारा मणि मधुकर द्वारा लिखित एवं डॉ. लईक हुसैन द्वारा निर्देशित नाटक ‘‘खेला पोलमपुर’’ का मंचन मुक्ताकाशी रंगमंच पर सायं 07:45 बजे किया जाएगा। जिसमें आमजन का प्रवेश निःशुल्क रहेगा।