ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान पूज्य श्री बिलोचिस्तान पंचायत एवं श्री सनातन धर्म सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में शक्ति नगर स्थित सनातन मंदिर में आयोजित 15 दिवसीय समर फिएस्टा में बच्चों, युवाओं एवं महिलाओं के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न प्रशिक्षण कार्यशालाओं का सफल आयोजन किया गया।
श्री बिलोचिस्तान पंचायत की महासचिव विजय आहुजा ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत फिटनेस श्रेणी में योग प्रशिक्षण का संचालन डॉ. गुनीत मोंगा द्वारा किया गया, जिसमें लगभग 65 प्रतिभागियों ने भाग लिया। वहीं हुला हूप (Hula Hoop) प्रशिक्षण मीनाक्षी भेरवानी के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें 90 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
श्री सनातन धर्म सेवा समिति की मनीष डेम्बला ने बताया कि ब्यूटी एवं वेलनेस कार्यशाला के अंतर्गत मेकअप, स्किन केयर एवं ब्यूटी से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस कार्यशाला का संचालन मीता खतूरिया,काशिश लालवानी, सान्या तलरेजा, मीनाक्षी कस्तूरी, भाव्या जेटवानी, नेहल एवं द्वारा किया गया, जिसमें कुल 150 प्रतिभागियों ने लाभ प्राप्त किया।
श्री बिलोचिस्तान पंचायत अध्यक्ष नानकराम कस्तूरी ने बताया कि कुकिंग एवं बेकिंग श्रेणी में विभिन्न व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। केक मेकिंग कार्यशाला का संचालन रश्मि किशोर द्वारा किया गया, जिसमें 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया। मठरी एवं टोशा निर्माण का प्रशिक्षण वंदना कामरा द्वारा दिया गया, जिसमें 90 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। चॉकलेट मेकिंग कार्यशाला उर्मी वरलानी के मार्गदर्शन में आयोजित हुई, जिसमें 75 प्रतिभागी शामिल रहे। वहीं मॉकटेल्स निर्माण का प्रशिक्षण करण मदवानी द्वारा प्रदान किया गया, जिसमें 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
श्री सनातन धर्म सेवा समिति कि नरेंद्र क्थूरिया ने बताया कि बच्चों के बौद्धिक एवं रचनात्मक विकास के उद्देश्य से आयोजित क्रिएटिव लर्निंग प्रोग्राम का संचालन डॉ. मीनाक्षी कस्तूरी, विनीता जैन, अंशु पाहूजा, ईशा पारीक एवं मयंक कालरा द्वारा किया गया, जिसमें 160 बच्चों ने सहभागिता कर विभिन्न रचनात्मक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का लाभ उठाया।
इसके अतिरिक्त डांस कार्यशाला का संचालन रिया आहूजा द्वारा किया गया, जिसमें 105 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
समर फिएस्टा का उद्देश्य प्रतिभागियों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मकता, स्वास्थ्य जागरूकता एवं कौशल विकास को बढ़ावा देना था। सभी कार्यशालाओं को प्रतिभागियों एवं अभिभावकों द्वारा अत्यंत सराहा गया तथा इस प्रकार के आयोजनों को समाज के लिए प्रेरणादायक एवं उपयोगी बताया गया।