उदयपुर। राज्य सरकार द्वारा संचालित ग्रामीण सेवा शिविर 2026 केवल शिकायतों के निस्तारण का अभियान नहीं, बल्कि आमजन के वर्षों पुराने अधिकारों को पुनर्स्थापित करने का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत कैलाशपुरी, उपखंड एवं तहसील बड़गाँव के राजस्व ग्राम झाला का गुढ़ा में लगभग 50 वर्षों से लंबित एक महत्वपूर्ण राजस्व प्रकरण का सफलतापूर्वक निस्तारण करते हुए करीब 300 परिवारों को आबादी पट्टे जारी करने का मार्ग प्रशस्त किया गया है।
ग्राम पंचायत कैलाशपुरी के सरपंच नारायण लाल गमेती ने ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही इस समस्या को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक दस्तावेजों एवं राजस्व अभिलेखों के साथ प्रकरण तैयार कर ग्रामीण सेवा शिविर के शिविर प्रभारी एवं उपखंड अधिकारी, बड़गाँव मनसुख डामोर के समक्ष प्रस्तुत किया। राज्य सरकार के विशेष अभियान के अंतर्गत इस प्रकरण को प्राथमिकता से लिया गया। उपखंड अधिकारी मनसुख डामोर ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार बड़गाँव हितेश त्रिवेदी से विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट प्राप्त की। रिपोर्ट, राजस्व अभिलेखों एवं उपलब्ध समस्त दस्तावेजों का सूक्ष्म परीक्षण करने के उपरांत नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्रकरण का अंतिम निस्तारण किया गया।
राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार साबिक आराजी किता संख्या 9, रकबा 19 बीघा 17 बिस्वा भूमि मूलतः आबादी के रूप में दर्ज थी। किन्तु सेटलमेंट के दौरान हुई तकनीकी त्रुटि के कारण उक्त भूमि हाल खसरा संख्या 73 (रकबा 5.0200) एवं खसरा संख्या 154 (रकबा 1.0400) में मंगरी के रूप में दर्ज हो गई। इस त्रुटि का खामियाजा क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों को लगभग पाँच दशकों तक भुगतना पड़ा और वे अपने ही घरों पर वैधानिक स्वामित्व प्राप्त करने से वंचित रहे। प्रकरण के विधिवत परीक्षण के उपरांत संबंधित भूमि को मंगरी के स्थान पर पुनः आबादी भूमि के रूप में दर्ज करने के आदेश जारी किए गए।
इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद अब ग्राम पंचायत कैलाशपुरी लगभग 300 परिवारों को आबादी पट्टे जारी कर सकेगी। यह निर्णय केवल राजस्व अभिलेखों में सुधार नहीं, बल्कि उन सैकड़ों परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और अधिकार का नया अध्याय है, जो पीढ़ियों से अपने आशियाने पर कानूनी स्वामित्व की प्रतीक्षा कर रहे थे। आबादी पट्टे प्राप्त होने के बाद उन्हें अपने मकानों का वैधानिक मालिकाना हक मिलेगा, साथ ही बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं एवं अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ लेने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
सरपंच नारायण लाल गमेती ने राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर 2026 ने वर्षों से लंबित इस जटिल समस्या का समाधान कर सैकड़ों परिवारों के सपनों को साकार किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय ग्रामीणों के लिए केवल पट्टा प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और भविष्य की नई आशा का प्रतीक है।
शिविर प्रभारी एवं उपखंड अधिकारी मनसुख डामोर ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक ग्रामीण सेवा शिविर में आमजन की वर्षों से लंबित समस्याओं का संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध तरीके से निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल प्रकरणों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि पात्र नागरिकों को उनके वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करना है।