उदयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर आयोजित हो रहे ग्रामीण सेवा शिविर आमजन के लिए बड़ी राहत का माध्यम बन रहे हैं। शिविरों में बरसों पानी लंबित समस्याओं का हाथों हाथ समाधान होने से लोगों को राहत मिल रही है।
ग्राम पंचायत मजावड़ी, तहसील गोगुंदा में शुक्रवार को ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान आठ खातेदारों की कृषि भूमि का आपसी सहमति से बंटवारा कर राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। इस कार्रवाई के बाद सभी खातेदारों को उनके हिस्से की भूमि का विधिवत स्वामित्व प्राप्त हो गया। भविष्य में संभावित विवाद की स्थिति भी समाप्त हो गई। सभी खातेदारों ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली को सराहा। तहसीलदार प्रवीण कुमार सैनी ने बताया कि सभी 8 खातेदार अपनी कृषि भूमि का आपसी सहमति से बंटवारा चाहते थे, लेकिन राजस्व अभिलेखों में बंटवारा दर्ज नहीं होने के कारण भविष्य में विवाद की आशंका बनी हुई थी। ग्रामीण सेवा शिविर में दोनों पक्षों की सहमति से राजस्व विभाग ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए भूमि बंटवारे की प्रक्रिया पूर्ण की और इसे राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया। शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
अभियान के तहत शुक्रवार को बारापाल तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत अमरपुरा, टीडी, कुराबड़ में कुराबड़, बड़गांव में सरे, घासा में खेमली, विजनवास, वल्लभनगर में गुपड़ी, भीण्डर में केदारिया, कानोड़ में मोतीदा, गोगुन्दा में मजावड़ी, सायरा में झालों का कलवाणा, ब्राह्मणों का कलवाणा, झाडोल में नैनबारा, जेकड़ा, फलासिया में अंबासा, खेरवाड़ा में सुंदरा, नयागांव में महुवाल, ऋषभदेव में कटेव, रजोल तथा कोटड़ा तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत पाथरपाड़ी, महाड़ी व मामेर मेशिविर हुए। वहीं नगर निकायों और उदयपुर विकास प्राधिकरण में भी शहरी सेवा शिविरों का संचालन किया जा रहा है।