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पहले पवित्र नगरी, फिर टेम्पल बॉण्ड”—श्रीनाथजी की नगरी नाथद्वारा को ‘पवित्र धार्मिक नगरी’ घोषित करे सरकार : वीरेन्द्र सिंह सोलंकी

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11 Jul 26
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नाथद्वारा नगर सीमा में मांस, मछली, अंडा एवं मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग; “श्रीनाथजी की आस्था के नाम पर धन जुटाने से पहले उनकी नगरी की धार्मिक आत्मा की रक्षा करे सरकार

 

उदयपुर/नाथद्वारा 11 July 2026। पुष्टिमार्गीय वैष्णव सम्प्रदाय के विश्वविख्यात आस्था केंद्र एवं प्रभु श्रीनाथजी की पावन नगरी नाथद्वारा को पर्यटन एवं विकास के नाम पर प्रस्तावित टेम्पल बॉण्ड के माध्यम से धन जुटाने से पहलेपवित्र नगर (Holy City)” घोषित करने की मांग राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन ने पूरी मजबूती से उठाई है।

 

राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष इंजीनियर वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा किजिस प्रभु श्रीनाथजी की विश्वव्यापी आस्था, धार्मिक प्रतिष्ठा और नाथद्वारा की पहचान के आधार पर राजस्थान सरकार पर्यटन विकास के लिए टेम्पल बॉण्ड से धन जुटाने की योजना बना रही है, उस नगरी की धार्मिक पवित्रता की रक्षा करना राजस्थान सरकार की पहली जिम्मेदारी है। हमारी स्पष्ट मांग हैपहले नाथद्वारा को पवित्र नगर घोषित करो, फिर उसके नाम पर पर्यटन बॉण्ड से धन जुटाओ।”. पुष्कर, हरिद्वार, ऋषिकेश, अयोध्या, तिरुपति और पालिताना जैसे प्रमुख तीर्थ क्षेत्रों की धार्मिक मर्यादा के संरक्षण के लिए विशेष व्यवस्थाएं हैं, तो उत्तर भारत के प्रमुख वैष्णव तीर्थ नाथद्वारा की पवित्रता को आधिकारिक संरक्षण क्यों नहीं?.

 

 

नाथद्वारा को पर्यटन एवं गंतव्य विकास के लिए बॉण्ड आधारित वित्तीय मॉडल से जोड़ने की योजना सामने आने के बाद राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन ने अपनी मांग को और अधिक प्रासंगिक बताते हुए कहा है कि नाथद्वारा की धार्मिक पहचान केवल आर्थिक संसाधन जुटाने का माध्यम नहीं बन सकती। जिस धार्मिक पहचान के कारण नाथद्वारा का विश्वव्यापी महत्व है, उस पहचान और पवित्रता के संरक्षण की जिम्मेदारी भी सरकार को स्वीकार करनी होगी।

 

राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा, “श्रीनाथजी हमारी आस्था हैं, कोई व्यावसायिक ब्रांड नहीं। सरकार नाथद्वारा का विकास करे, विश्वस्तरीय सुविधाएं बनाए और पारदर्शी तरीके से संसाधन जुटाएहम उसका स्वागत करते हैं। लेकिन जिस पवित्र धार्मिक पहचान के कारण नाथद्वारा का वैश्विक महत्व है, उसी नगरी में मांस-मदिरा की खुलेआम बिक्री होने देना और दूसरी ओर उसी धार्मिक पहचान के आधार पर धन जुटाना एक गंभीर विरोधाभास है।

 

राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान सहित देश और विदेश से प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में सनातनी एवं वैष्णव महिला-पुरुष श्रद्धालु भगवान श्रीनाथजी के दर्शन के लिए नाथद्वारा पहुंचते हैं। संगठन के अनुसार यह संख्या लगभग 80 लाख प्रतिवर्ष तक बताई जाती है। ऐसे पवित्र तीर्थ क्षेत्र में जगह-जगह मांस और मदिरा की बिक्री से अनेक श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं तथा नाथद्वारा की सात्विक वैष्णव परंपरा को आघात पहुंचता है।

 

सोलंकी ने कहा कि केंद्र और राजस्थान सरकार के अनेक बड़े नेता एवं मंत्री भी अत्यंत श्रद्धा के साथ भगवान श्रीनाथजी के दर्शन करने नाथद्वारा आते हैं। सरकार को उन लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक मान्यताओं और भावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए, जिनके लिए नाथद्वारा कोई सामान्य पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि प्रभु श्रीनाथजी का जीवंत धाम है।

 

राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि पुष्कर, हरिद्वार, ऋषिकेश, अयोध्या, तिरुपति और पालिताना जैसे देश के प्रमुख धार्मिक नगरों एवं तीर्थ क्षेत्रों में धार्मिक पवित्रता और विशिष्ट मर्यादा के संरक्षण के लिए विभिन्न स्तरों पर विशेष प्रतिबंधात्मक व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। ऐसे में विश्वविख्यात प्रभु श्रीनाथजी की नगरी और उत्तर भारत के प्रमुख वैष्णव तीर्थों में शामिल नाथद्वारा को पवित्र धार्मिक नगरी का दर्जा और उसकी धार्मिक मर्यादा को विशेष संरक्षण क्यों नहीं दिया जा सकता?

 

सोलंकी ने कहा, “जब देश के अन्य प्रमुख तीर्थ नगरों और धार्मिक


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