उदयपुर। वानस्पतिक बीज बैंक की एक दिवसीय कार्यशाला पंचायत समिति गिर्वा के सभागार में हुई। बजट घोषणा के तहत पूरे प्रदेश में 150 वानस्पतिक बीज बैंक स्थापित किये गये है। इसमें से 30 बीज बैंक उदयपुर जिले मेें स्थापित किये गये है। कार्यशाला में सलुम्बर, प्रतापगढ़, बांसवाडा एव उदयपुर जिले से प्रतिभागियों ग्राम विकास अधिकारी, बीजगुणियों ने भाग लिया।
अधीक्षण अभियंता जल ग्रहण अनिल सनाढ्य ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त मुख्य अभियंता जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग अतुल कुमार जैन रहे। वहीं पंचायती राज विभाग अधिकारी एवं एनजीओ ने भाग लिया। फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी से आये अधिकारियों के द्वारा वानस्पतिक बीज बैंक की जानकारी दी गई जिसमें स्थानीय बीजों की महत्वता के बारे जानकारी दी गई। बीजों के प्रकार, अच्छे बीजों की विशेषताएं, बीज संग्रहण किये जाने का सही समय, साफ सफाई, बीजों को इक्कठा किये जाने एवं रखने के लिये साफ कन्टेनरो का इस्तेमाल किये जाने एवं बीजोें को अच्छे से सुखाने, बीज सग्रहण के स्त्रोतों के बारे में जानकारी दी गई।
अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री जैन ने कहा कि समुदाय की भागीदारी, सफलता की कुंजी, सफल बीज संग्रहण और पुनर्जनन प्रयासों के लिये सामुदायिक भागीदारी आवश्यक है। सबसे महत्वपूर्ण रोल बीज गुणी का है। कार्यशाला में आये बीज गुणियों को स्थानीय बीज संग्रहण, प्रसंस्करण एवं भण्डारण के तरीको के बारें में प्रशिक्षित किया गया, इससे उनकी क्षमता में वृद्वि हो सके। ब्लाॅक सायरा से बीज गुणी गीता एवं ब्लाॅक झाडोल से बीज गुणी प्रकाशने अपने क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया, जिसकी जानकारी सभी से साझा की।