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लफ़्ज़ों की महफ़िल की मासिक काव्य गोष्ठी सम्पन्न, हास्य रचनाओं से गूंजा सभागार

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27 Jul 26
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लफ़्ज़ों की महफ़िल की मासिक काव्य गोष्ठी सम्पन्न, हास्य रचनाओं से गूंजा सभागार

उदयपुर। शहर की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था लफ़्ज़ों की महफ़िल की मासिक काव्य गोष्ठी अशोका पैलेस के बैंक्वेट हॉल में गरिमामय वातावरण में आयोजित हुई। गोष्ठी में शहर के वरिष्ठ एवं युवा कवियों ने अपनी उत्कृष्ट हास्य रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में साहित्य, हास्य और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।

संस्था के संस्थापक मुकेश माधवानी ने बताया कि गोष्ठी के दौरान अप्रैल माह की काव्य प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों का सम्मान किया गया। प्रतियोगिता में शेख मोहम्मद हनीफ रिजवी ने प्रथम, प्रकाश तातेड ने द्वितीय तथा डॉ. गोपाल राजगोपाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। तीनों विजेताओं को ट्रॉफी एवं विशेष पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के संयोजक पं. पुरुषोत्तम शाकद्वीपीय 'प्रेमी' ने बताया कि इस बार की गोष्ठी उदयपुर के वरिष्ठ एवं सुप्रसिद्ध हास्य कवि स्व. दाडम चंद दाडम की स्मृति को समर्पित रही।

गोष्ठी में पं. मनमोहन मधुकर, संजय गुप्ता 'देवेश', परवाना अजमेरी, रजनीकांत मनावत, सुदेश चौधरी, सुभाष चंद्र अग्रवाल 'साकी', बंसीलाल लोहार, पं. मनोहर डेमला, पूनम भू 'पूनम', सपना जैन 'संजू', प्रकाश तातेड, पं. पुरुषोत्तम शाकद्वीपीय 'प्रेमी', इं. लोकेश चंद्र चौबीसा, डॉ. इस्हाक 'फुरकत', डॉ. अमृता बोकडिया, शेख मोहम्मद हनीफ रिजवी, शबनम मिर्जा, कमल प्रकाश मेहता, डॉ. गोपाल राजगोपाल, श्याम मठपाल एवं अन्य साहित्यकारों ने अपनी हास्य रचनाओं की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं और पूरे सभागार को हास्य रस से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. अमृता बोकडिया ने किया। अंत में सभी साहित्यकारों ने साहित्यिक परंपराओं को निरंतर आगे बढ़ाने तथा नई पीढ़ी के रचनाकारों को मंच उपलब्ध कराने का संकल्प लिया।
 


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