उदयपुर। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर, रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शिल्पग्राम परिसर में रविवार को प्रातः विशाल पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी थे। इस कार्यक्रम के तहत विभिन्न प्रजातियों के लगभग 250 पौधों का रोपण किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. दलवी ने कहा कि किसी भी संस्कृति का पहला मंच उसकी मिट्टी होती है यदि हम अपनी मिट्टी और पर्यावरण की रक्षा नहीं करेंगे तो संस्कृति का संरक्षण भी संभव नहीं होगा। उन्होंने पौधारोपण को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखकर उसके वृक्ष बनने तक उसकी सारसंभाल करने की बात की। उन्होंने वृक्षों के महत्व के बारे में भी बताया। उल्लेखनीय है कि शिल्पग्राम देश का एक प्रमुख सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थल है, जहां वर्षभर देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित परिसर के निर्माण के उद्देश्य से शिल्पग्राम को ‘ऑक्सीजन पॉकेट’ के रूप में विकसित करने के लिए सघन वृक्षारोपण अभियान के तहत पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने श्रमदान कर पौधारोपण के अभियान को सफल बनाया।
सर्वप्रथम मुख्य अतिथि का स्वागत रोटेरियन दुष्यंत सोमानी ने उपरणा ओढ़ाकर किया। इसी क्रम में वन संरक्षक अजय चित्तौड़ा का स्वागत रोटेरियन श्रीचंद खतुरिया ने किया। इस अवसर पर केन्द्र के उपनिदेशक (कार्यक्रम) पवन अमरावत, सहायक निदेशक (वित्त एवं लेखा) दुर्गेश चांदवानी, अधीक्षण अभियंता सी.एल. सालवी, कार्यक्रम अधिशाषी हेमंत मेहता, राकेश मेहता, भगवती लाल नलवाया, दयाराम सुथार सहित केन्द्र के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे। साथ ही वन विभाग एवं रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रोटेरियन आर.के. जैन ने किया।
ये पौधे रोपे गएः अशोक, करोंदे, नीम, बोगन बिलिया, बोरसली, बड़, महुआ, कनेर, बिल्व पत्र, पीपल, पारस पीपल, जामुन, कागजी नींबू, बेर, देशी आम, जंगल जलेबी, सीताफल, शहतूत, ईमली, अमलताश, रॉयल पाम आदि पौधे शामिल है।