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वीणा संगीत ग्रुप के प्रसनजीत मालू को राजस्थान गौरव अवार्ड  मिला

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31 Jul 26
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वीणा संगीत ग्रुप के प्रसनजीत मालू को राजस्थान गौरव अवार्ड  मिला

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने राजस्थानी संगीत के विकास में स्वर्गीय के सी मालू के योगदान को बेजोड़ बताया*

नीति गोपेन्द्र  भट्ट 

जयपुर । राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने गुरुवार को सायं जयपुर के राजपूताना शेरेटन होटल में संस्कृति युवा संस्था की ओर से आयोजित "राजस्थान गौरव सम्मान समारोह" में राजस्थानी संगीत कला और संस्कृति के संवर्द्धन और राजस्थानी संगीत हर घर की चौखट पर पहुँचाने प्रशंसनीय कार्य के लिए  वीणा संगीत ग्रुप के प्रसनजीत मालू को राजस्थान गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया । 

प्रसनजीत मालू जोकि एसोसिएशन ऑफ़ इवेंट अंटरप्रयूनयर के अध्यक्ष भी हैं को  सम्मानित करते हुए राज्यपाल बागड़े ने उनके समक्ष वीणा संगीत ग्रुप  के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय के सी मालू के राजस्थानी संगीत संस्कृति और आपणी भाषा के लिए दिए योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि उनके असामयिक निधन से राजस्थान ही देश के कला जगत को अपूरणीय क्षति हुई है जिसकी भरपाई होना बहुत मुश्किल काम है । स्वर्गीय के सी मालू  ने राजस्थानी संगीत को वैश्विक पहचान और लोकप्रियता दिलाई और ठेठ सुदूर गाँवों और ढाणियों में छुपी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आने का अवसर दिलाया जिसके कारण उनकी आजीविका के साधन भी विकसित हुए ।

*राजस्थानी भाषा नहीं संस्कृति*

*राजस्थानी केंद्र खोलने पर तो बहुत पहले ही शुरुआत हो जानी चाहिए थी*

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि राजस्थानी भाषा नहीं संस्कृति है। उन्होंने अपना संबोधन राजस्थानी भाषा में प्रारम्भ किया और कन्हैयालाल सेठिया की "धरती धोरा री" और महाकवि सूर्यमल्ल मिश्रण की “इला न देणी आपणी, हालरिया हुलराय। पूत सिखावै पालणै, मरण बड़ाई माय॥” पंक्तियां सुनाई और इनका अर्थ भी बताया।राज्यपाल ने कहा कि राजस्थानी बहुत मीठी और राजस्थान की अपनी भाषा हैं। हमने तुरंत सभी विश्वविद्यालयों में राजस्थानी केंद्र खोलने के लिए आदेश जारी किए । उन्होंने चुटकी भी ली और कहा अच्छी बात है, राजस्थान में मराठी केंद्र खोलने के बाद यहां के लोगों का राजस्थानी के लिए ध्यान गया उन्होंने राजस्थानी केंद्र खोलने की माँग भी की। उन्होंने कहा कि इस पर तो बहुत पहले ही शुरुआत हो जानी चाहिए थी।

राज्यपाल ने समारोह में  विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट विभूतियों को "राजस्थान गौरव" सम्मान से सम्मानित किया। इस अवसर पर संस्कृति युवा संस्था के संस्थापक अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा, प्रख्यात विधिवेता एच.सी. गणेशिया, मुख्यमंत्री के विशेषाधिकारी गोविंद पारीक ने भी संबोधित किया।


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