उदयपुर। पश्चिम क्षेत्र सास्कृतिक केंद्र उदयपुर द्वारा आयोजित मासिक नाट्य संध्या ‘रंगशाला’ के अंतर्गत रविवार को ‘मैं भी वीर सावरकर - अंश मात्र’ नाटक का मंचन संपन्न हुआ।
पश्चिम क्षेत्र सास्कृतिक केंद्र उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया की प्रति माह आयोजित होने वाली मासिक नाट्य संध्या रंगशाला के अंतर्गत नीलमाधव वसंत भुसारी इंदौर द्वारा ‘मैं भी वीर सावरकर - अंश मात्र’ नाटक का मंचन रविवार को शिल्पग्राम उदयपुर स्थित दर्पण सभागार में किया गया। इस डोक्यू ड्रामा शैली नाटक का लेखन एवं प्रस्तुति नीलमाधव वसंत भुसारी द्वारा की गई। उन्होंने यह नाटक जयोस्तुते कविता से प्रेरित होकर किया। स्वातंत्रयवीर विनायक दामोदर सावरकर के अद्वितीय जीवन, उनके विलक्षण व्यक्तित्व, क्रांतिकारी चिंतन, राष्ट्रनिष्ठ विचारों एवं संघर्षपूर्ण जीवन यात्रा का अत्यंत भावपूर्ण, सजीव एवं प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया गया। साथ ही दुर्लभ ऐतिहासिक स्थिर चित्रों, दस्तावेजों, वीडियो क्लिप्स तथा अत्यंत आकर्षक स्लाइड शो के माध्यम से इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों को सजीव किया गया। दर्शकों से खचाखच भरे सभागार में इस प्रभावशाली प्रस्तुति को खूब सराहा गया।
इस अवसर पर केन्द्र के उपनिदेशक (कार्यक्रम) पवन अमरावत, अधीक्षण अभियंता सी.एल. सालवी, कार्यक्रम अधिशाषी राकेश मेहता, हेमंत मेहता, दयाराम परमार सहित केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी एवं शहर के अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन दुर्गेश चांदवानी, सहायक निदेशक (वित्त एवं लेखा) ने किया।