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हिन्दुस्तान जिंक चन्देरिया लेड जिंक स्मेल्टर द्वारा आयोजित सखी उत्सव का आयोजन

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12 Feb 26
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हिन्दुस्तान जिंक चन्देरिया लेड जिंक स्मेल्टर द्वारा आयोजित सखी उत्सव का आयोजन

हिन्दुस्तान जिंक के सखी कार्यक्रम साथ इतनी सारी महिलाऐं जुड़ी हुई है जो स्वयं को आर्थिक रूप से संपन्न कर रही है किसी भी महिला को कोई भी निर्णय करने के लिए या कोई भी कार्य करने के लिए बहुत आवश्यक है की उसका समाज में योगदान हो, वो तभी संभव है जब आप खुद आर्थिक रूप से सक्षम है। यह बात अतिक्ति पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह ने हिन्दुस्तान जिं़क चन्देरिया लेड जिं़क स्मेल्टर, मंजरी फाउंडेशन एंव सखी संगम समिति द्वारा इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित सखी उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कही। उन्होेंने कहा कि घर की जिम्मेदारियां निभाते हुए स्वयं को सशक्त बनाना भारतीय महिलाओं की परंपरा रही हैं। महिलाएं संघर्ष करते हुए हमेशा आगे बढती हैं एवं प्रबन्धन में भी महिलाएं सर्वश्रेष्ठ हैं। उन्होंने महिलाओं से आव्हान किया कि वे हिन्दुस्तान जिं़क के सखी, शिक्षा संबल और उंची उड़ान जैसे कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ लें। उन्होंने महिलाओं को सरकारी योजनाओं एवं महिला सुरक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। 

कार्यक्रम में चंदेरिया स्मेल्टिंग काॅम्पलेक्स के लोकेशन हेड आलोक रंजन ने कहा कि वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल एवं हिन्दुस्तान जिं़क की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल का समाज एवं विशेष रूप से महिला सशक्तिरण पर मुख्य रूप से फोकस है। 2019 में शुरू किया गया सखी कार्यक्रम वर्तमान में महिला सशक्तिरण का बडा उदाहरण है जिससे 3 हजार से अधिक महिलाएं जुड़कर स्वयं और परिवार को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस प्रोग्राम का विस्तार तभी संभव है जब कंपनी का भी विकास हो एवं हम राजस्थान में और निवेश करें और जिंक प्लांट लगाए कोई नया प्लांट लगाए जिससे लोगों को और रोजगार मिले और हम इस तरह के और भी सारे कार्यक्रम कर सके आप सबका सहयोग काफी जरूरी है क्योंकि हम तभी आगे बढ़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के उत्थान के लिए हिन्दुस्तान जिं़क सदैव प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम की विशिष्ठ अतिथी देवेन्द्रकंवर ने कहा कि कार्यक्रम से इतनी सारी सशक्त महिलाओं को जुड़ते देखना बहुत अच्छा लग रहा है। आप सभी को मेरी सलाह है कि दृढ़ रहें और अधिक महिलाओं को प्रेरित करते रहें। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने समय समय पर सशक्तिरण का उदाहरण प्रस्तुत किया है, यदि हम ठान लें तो कुछ भी नाममुमकिन नही हैं।

सुबह से आयोजित सखी उत्सव में मटकी रेस, रस्सा कस्सी, खेलों का आयोजन हुआ जिसमें महिलाओं ने बढचढकर हिस्सा लिया। फिर राजस्थानी गीतो पर नृत्य, महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। कार्यक्रम का आयोजन सी.एस.आर कार्यक्रम के अन्तर्गत किया गया, जिसमें 1800 से अधिक ‘सखी‘ ग्रामीण महिलाओं, महिला कर्मचारियों एवं जिं़क परिवार की सदस्यों ने बढ़ चढ़कर परिवार, समाज और देश को सशक्त करने का प्रण लिया। उठोरी जागृति मंच की टीम ने नाटिका के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। 

खेल प्रतियोगिता प्रतिभागी तथा विजेता महिलाओं को पुरस्कार वितरीत किये गये। सखी उत्सव में सखी फेडरेशन की मैनेजर अर्पिता व्यास ने परियोजना की वर्ष भर की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सखी संगम समिति फेडरेशन का कुल कोष आज 1 करोड़ 22 लाख रुपये का हो चुका है।  सबसे गर्व की बात है कि सदस्य बहनों को अब तक वितरित ऋण की कुल राशि 4 करोड़ 75 लाख रुपये है। समारोह में महिलाओं ने चंदेरिया स्मेल्टिंग काॅम्प्लेक्स हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा किये जा रहे कार्याे की प्रशंसा करते हुए भविष्य में और भी सामाजिक एवं औद्योगिक विकास की योजनाओं की मांग एवं उसमें सहयोग का प्रस्ताव पारित किया।

कार्यक्रम में नगरी सरपंच देवकिशन रेगर, सरपंच रोलाहेडा गोवर्धन सालवी, चैगावडी सरपंच बहादुर सिंह, सतपुडा सरपंच प्रतिनिधि राजेन्द्र सिंह, देवरी सरपंच मांगी लाल डांगी, जिं़क लेडिज क्लब से सोनल सुराणा, प्ररेणा मुखर्जी, भाग्या कनन, गुर्जर खेड़ा से कमला देवी, प्रतिरोध फाउण्डेशन से सुमन चैहान, आसीडीएस विभाग से पुजा साहु हेड सीएसआर सुदंर राज, सीएसओ जी मलेशम, डिप्टी सीएसआर हेड योगेश वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

समूह की महिलाओं द्वारा लोक नृत्य तथा गीतों की लोकलुभावन प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में साथ ही सीएसआर के अन्तर्गत हिन्दुस्तान जिंक़ द्वारा संचालित की जा रही परियोजनाओं सखी, समाधान परियोजना,  ज़िंक कौशल एवं शिक्षा संबंल के कार्यो और गतिविधियों की जानकारी स्टाॅल के माध्यम से दी गयी। देश की सबसे बड़ी और विश्व की दूसरी सबसे बडी एकीकृत जिं़क उत्पादक कंपनी

हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा सखी और सूक्ष्म उद्यम कार्यक्रमों के माध्यम से, हिन्दुस्तान जिं़क आर्थिक सशक्तिकरण, उद्यमिता और कौशल निर्माण सहित समावेशी विकास का एक पारिस्थितिकी तंत्र निर्मित कर रहा है। सखी उत्पादन समिति के अंतर्गत सूक्ष्म उद्यमों ने 14 उत्पादन इकाइयाँ और 208 स्टोर स्थापित किए हैं। खाद्य पदार्थ के  दाइची और वस्त्र के उपाया ब्रांड के माध्यम से ग्रामीण बाजारों के साथ मजबूत संबंध स्थापित हुए हैं। लैंगिक समानता, सभ्य कार्य, आर्थिक विकास और असमानताओं को कम करने पर संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप, इस पहल ने 184 से अधिक गाँवों में 203 गाम संगठन 2,1607 स्वयं सहायता समूहों की 25,488 से अधिक महिलाओं को सशक्त बनाया है। 

 


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