उदयपु। प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया ने वित्त भवन जयपुर के सभागार से आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक विडियों काॅन्फ्रेंस के माध्यम से लेते हुए आवश्यक निर्देश प्रदान किए।
इस मौके पर आबकारी आयुक्त नमित मेहता, वित्त सचिव (राजस्व) कुमारपाल गौतम, संयुक्त सचिव आबकारी वरूण मिश्रा भी साथ में मौजूद रहे।
प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया ने वीसी को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्व अर्जन को प्राथमिकता देते हुए समस्त विभागीय लक्ष्य शत-प्रतिशत पूर्ण किए जाने चाहिए।
विभागीय लक्ष्य की पूर्ति हेतु कार्ययोजना बनाकर नियमित समीक्षा करेंगे तो अपेक्षा के अनुरूप परिणाम प्राप्त किए जा सकते है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में मदिरा दुकानों का बंदोबस्त पूर्ण होना चाहिए यदि किसी दुकान का बंदोबस्त नही हो पाता है तो आंकलन कर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
मदिरा दुकानों के बंदोबस्त के संबंध में सिरोही, जैसलमेर एवं जयपुर सिटी के आबकारी अधिकारियों से जानकारी ली गई।
आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने बताया कि प्रदेश में 11 कलस्टर के तहत 14 दुकानें शेष है जिनका आगामी 7 अगस्त की नीलामी प्रक्रिया के तहत बंदोबस्त सुनिश्चित करवाया जाएगा।वीसी में राजस्व लक्ष्य की समीक्षा के तहत आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने बताया कि प्रदेश में गत वर्ष अप्रेल से जुलाई की तुलना में इस वर्ष राजस्व में स्टेट ग्रोथ 8 प्रतिशत रही है जिन जिलों की ग्रोथ अपेक्षा के अनुरूप नही है वहां समीक्षा कर अपेक्षित लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निर्देशित किया गया है।
इस पर श्री गालरिया ने कम ग्रोथ से संबंधित जिलों करौली, डूंगरपुर, बारां, भीलवाड़ा, बाड़मेर के अधिकारियों को शाॅर्टफाॅल की समीक्षा कर वांछित लक्ष्य प्राप्ति के निर्देष दिए साथ ही उन्होंने कहा कि इन जिलों में निरोधात्मक कार्रवाई की ठोस व प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए जिसका परिणाम राजस्व ग्रोथ के रूप में नजर आना चाहिए।
वीसी में स्टेट ग्रोथ 8 प्रतिशत की तुलना में पिछड़ रहे जिलों की समीक्षा कर शाॅर्टफाॅल पूर्ण कर स्टेट ग्रोथ के अनुरूप वृद्धि के लिए निर्देशित किया गया।प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री गालरिया ने कहा कि प्रदेश में 2200 करोड़ रूपए की बाकियात है जिसकी वसूली के लिए ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए।
बकाया वसूली के लिए प्रत्येक जिले में नियमानुसार सम्पत्ति अटैच व कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने बताया कि प्रदेश में 52.64 करोड़ रूपए की बाकियात वसूली गई है साथ जिलों में 112.20 करोड़ मूल्य की सम्पत्ति अटैच की गई है।
बकाया वसूली के संबंध में समस्त आबकारी अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश है।वीसी में श्री गालरिया ने समस्त जिलों में निरोधात्मक गतिविधियों के संख्या में वृद्धि के साथ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि जब्ती की बड़ी कार्रवाई करें साथ ही मुखबिर तंत्र की सहायता से अवैध शराब की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने हेतु सजग होकर कार्य करें।
अवैध शराब के प्रकरणों की तह तक जाकर इससे संबंधित लोगों पर कार्रवाई करेंगे तो इसका प्रभाव संबंधित क्षेत्रों में राजस्व वृद्धि के रूप में दृष्टिगत होगा।
आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने जब्त वाहनों पर जुर्माना एवं नीलामी के संबंध में जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि सभी जिले राजस्व अर्जन पर फोकस रखते हुए कार्य करेंगे।
जिलों में डीईओ एवं ईपीएफ के अधिकारी शॉर्टफॉल से संबंधित क्षेत्रों की समीक्षा कर समन्वय से वांछित लक्ष्य प्राप्त करेंगे।वीसी में उदयपुर से अतिरिक्त आबकारी आयुक्त पाॅलिसी प्रदीप सिंह सांगावत, अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रशासन अनिल कुमार शर्मा, अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन प्रभा गौतम, विŸिाय सलाहकार सुनिता विजय, उपायुक्त आबकारी निरोधक दल प्रद्युम्न सिंह चुण्डावत मौजूद रहे।
इसी क्रम में प्रदेश से समस्त अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन, उपायुक्त आबकारी निरोधक दल, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी संबंधित क्षेत्र के जिला स्तरीय वीसी कक्ष के माध्यम से उपस्थित रहे।