GMCH STORIES

सुरक्षा मानकों में लापरवाही पर एडीजे की निगरानी में स्लीपर बसों पर कार्यवाही

( Read 168 Times)

06 Aug 26
Share |
Print This Page
सुरक्षा मानकों में लापरवाही पर एडीजे की निगरानी में स्लीपर बसों पर कार्यवाही

श्रीगंगानगर। उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेशों की अनुपालना को सुनिश्चित करने हेतु माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर द्वारा राजस्थान में संचालित स्लीपर व लग्जरी बसों में बिना अनुमति किए गए बदलावों की रोकथाम के लिए यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने और सड़क परिवहन में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के उद्देश्य से जिला परिवहन विभाग श्रीगंगानगर द्वारा गत बुधवार रात्रि नाथांवाला बाईपास पुलिया पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रवि प्रकाश सुथार (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) की निगरानी में संयुक्त रूप से स्लीपर बसों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान परिवहन विभाग से परिवहन निरीक्षक श्री सविंदर गिल सहित उनकी टीम तथा यातायात से श्रीमती राजेश मय टीम उपस्थित रही।

इस दौरान एडीजे श्री सुथार ने बताया कि राजस्थान सहित देशभर में स्लीपर एवं लग्जरी बसों में आग लगने, ओवरलोडिंग, अवैध बॉडी निर्माण, आपातकालीन निकास बंद होने एवं सुरक्षा उपकरणांे की कमी के कारण कई दर्दनाक हादसे सामने आए हैं।

लगातार हो रहे भीषण सड़क हादसों एवं बसों में सुरक्षा मानकों की कमी को देखते हुए स्लीपर, लग्जरी बसों का निरीक्षण किये जाने हेतु परिवहन विभाग व पुलिस प्रशासन के साथ एक माह का संयुक्त रूप से निरीक्षण अभियान प्रारम्भ किया गया है।

इस प्रकार कुल 4 स्लीपर बसों की जांच की गई। इसमें 2 स्लीपर बसों में खामियां मिलने पर मौके पर परिवहन विभाग द्वारा उनके चालान किये जाने और खामियों को दुरूस्त करने हेतु पाबन्द किया गया।

जांच के दौरान बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, इमरजेंसी गेट, लगेज क्षमता, अग्निशमन यंत्र तथा सीट एवं स्लीपर बर्थ की संख्या की गहन जांच की गई।निरीक्षण के दौरान ही एडीजे श्री सुथार द्वारा स्लीपर बसों के वाहन चालकों के साथ समझाइश कर स्लीपर बसों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप किये जाने के निर्देश प्रदान किये गये।

इसी के साथ ही आमजन से अपील की गई है कि किसी भी अनाधिकृत, पुराने या नियमों का उल्लंघन करने वाली स्लीपर बसों में यात्रा नहीं करें। इसी क्रम में परिवहन विभाग से श्री सविंदर गिल द्वारा बताया कि बसों में इमरजेंसी गेट का सुचारू रूप से खुलना अनिवार्य है।

कई स्लीपर बसों में गेट के सामने सीट या स्लीपर बर्थ बनाकर रास्ता अवरूद्ध किया गया है, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ऐसे में स्लीपर बस संचालकों से अपील की गई है कि स्लीपर बसों के तमाम दस्तावेजात सहित निर्धारित मानकों को पूरे कर लेवें अन्यथा मानक पूरा नहीं होने की स्थिति में उसी समय उनके चलान किये जायेंगे या उन्हें डिटेन कर लिया जावेगा।

This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like