अभी वर्षा काल चल रहा है यही वह समय है जब हम इस वर्षा जल को बचाकर प्रदेश भर में गिरते हुए भूमि जल को रिचार्ज कर उसे बढ़ा सकते हैं।
जल को बनाया नहीं जा सकता पर बचाया जा सकता है और बर्बाद होने से रोका जा सकता तथा वर्षा काल में बढ़ाया जा सकता। यह चार "ब " बनाया, बचाया, बर्बाद, बढ़ाया जल संरक्षण के प्रमुख अंग है।
यह बात आज वरिष्ठ जल मित्र डॉक्टर पी सी जैन ने राॅयल अकादमी माध्यमिक विद्यालय उदयपुर के चयनित छात्र-छात्राओं को बताई ताकि वे भविष्य के जल दूत, जल प्रहरी बनकर आने वाली उनकी ही पीढ़ी के लिए जल संरक्षण कर सकेंगे।
अपने वीडियो प्रेजेंटेशन में उन्होंने जल प्रहरी बनने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया।
मानसी मेघवाल, दीक्षा मेघवाल दिक्षिता सेजू,अक्षयराज सिंह, जिज्ञासा जैन, भूमि प्रजापत, दीपिका देवासी, सृष्टि लोहार, वैभव व्यास, सिद्धिका बैरवा, दिव्याऺशी जाऺगिड़ प्राची मेघवाल, रितुराज चावड़ा जल दूत बने।
ऐकेडमी की जल संरक्षण प्रभारी श्रीमती शीतल बनाए गए। डॉ मंजु शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।