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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उदयपुर में गूंजेगी काकोरी क्रांति गाथा

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06 Aug 26
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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उदयपुर में गूंजेगी काकोरी क्रांति गाथा

उदयपुर। भारत माता को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए 9 अगस्त 1925 को हुई काकोरी क्रांति के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उदयपुर में काकोरी क्रांति गाथा नाट्य का मंचन किया जाएगा।

प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ और सभ्यता अध्ययन केन्द्र नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में होने वाला यह मंचन 14 अगस्त शाम 5 बजे रवीन्द्र नाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के नवीन सभागार में होगा।

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने बताया कि काकोरी क्रांति ने अंग्रेज सरकार को हिलाकर रख दिया था।

यही वजह रही कि अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, चंद्रशेखर आजाद, राजेंद्र लाहिड़ी और ठाकुर रोशन सिंह जैसे भारतमाता के वीर सपूत क्रांतिकारियों में से पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र लाहिड़ी और ठाकुर रोशन सिंह को 19 दिसंबर 1927 को फांसी दे दी गई जिसे इन वीर सपूतों ने हंसते-हंसते गले लगाया।

काकोरी क्रांति ने देश भर में युवा क्रांतिकारियों में नई ऊर्जा का संचार किया और स्वाधीनता आंदोलन को गति मिली। इसी क्रांति गाथा की स्मृतियों को नई पीढ़ी में संचरित करने के लिए 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह नाट्य मंचन किया जा रहा है।

सभ्यता अध्ययन केन्द्र राजस्थान चैप्टर के संयोजक मनोज जोशी ने बताया कि इस आयोजन में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, रवीन्द्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय भी सहयोगी हैं।

विभिन्न महाविद्यालयों व विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी इसमें आमंत्रित किया जा रहा है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा मुख्य अतिथि होंगे।

विशिष्ट अतिथि के रूप में पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक अश्विन दलवी होंगे। अध्यक्षता आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राहुल जैन करेंगे।

प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि इसी कार्यक्रम के साथ ही 16 सितम्बर से 26 सितम्बर तक होने वाले दिवेर विजय महोत्सव के पोस्टर का विमोचन भी किया जाएगा। इस वर्ष दिवेर विजय महोत्सव के तहत पुरालिपि, लघु फिल्म निर्माण कार्यशाला, मेवाड़ शौर्य प्रदर्शनी, नुक्कड़ नाटक, विभिन्न विषयों पर संवाद सत्र सहित चित्रकला, निबंध, भाषण, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर, रील मेकिंग, फोटोग्राफी आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

तीन दिन रहेगी शुल्क में छूट -सक्सेना ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ में दर्शनार्थियों के लिए 14-15-16 अगस्त को शुल्क में छूट रहेगी। दर्शनार्थी तीनों दिन 50 रुपए शुल्क में ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ के दर्शन कर सकेंगे।

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