उदयपुर । खेमली क्षेत्र की एक प्रमुख औद्योगिक इकाई, पटेल फोस्केम लिमिटेड, ने सोशल मीडिया पर उसके विरुद्ध फैलाई जा रही झूठी एवं भ्रामक जानकारियों का खंडन करते हुए उपखण्ड अधिकारी (एसडीएम) व सभी सम्बंधित विभागों को ज्ञापन सौंपा है।
कंपनी के जनरल मैनेजर अंशुमन शुक्ला ने स्पष्ट किया है कंपनी पर लगाए जा रहे सभी आरोप पूर्णतः असत्य, निराधार एवं मनगढ़ंत हैं । पिछले 1 महीने से कंपनी के विरुद्ध यह भ्रामक गतिविधियाँ मुख्य रूप से कुछ सीमित व्यक्तियों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से व्यक्तिगत स्वार्थ हेतु चलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य उद्योग की छवि धूमिल करना और समाज में भ्रम फैलाना है। साथ ही, कंपनी ने आरोप लगाया है कि कुछ वायरल पोस्टों में उर्वरक (fertilizer) कंपनी को भ्रामक रूप से ‘रासायनिक फैक्ट्री’ बताकर आम जनता के मन में भय और असमंजस पैदा किया जा रहा है। कंपनी ने ऐसे लोगों को आगाह किया है कि इस प्रकार की अनुचित एवं तथ्यहीन कार्रवाइयों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कंपनी ने बताया कि वह एक ‘ज़ीरो एफ्लुएंट डिस्चार्ज यूनिट’ के रूप में कार्यरत है तथा राज्य और केंद्र सरकार के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों द्वारा निर्धारित सभी मानकों का पूर्ण रूप से पालन करती है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि संयंत्र में चार-स्तरीय स्क्रबर प्रणाली एवं ऑनलाइन डेटा मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित हैं, जिससे किसी भी प्रकार का उत्सर्जन या प्रदूषण नहीं होता।
कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया कि यह उद्योग पिछले 40 वर्षो से अधिक समय से क्षेत्र के औद्योगिक विकास में योगदान दे रहा है तथा ‘राइजिंग राजस्थान’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी सरकारी पहलों के अनुरूप कार्य कर रहा है।
ज्ञापन में कंपनी ने प्रशासन से ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी है कि मानहानिकारक या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के विरुद्ध पुलिस कार्यवाही एवं न्यायालय (कोर्ट) के माध्यम से कानूनी कार्रवाई कंपनी स्वयं सुनिश्चित करेगी।
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