उदयपुर,  “उपभोक्ता की भावनाओं को समझे बिना आप अपना उत्पाद नहीं बेच सकते। भावनाएं तर्कशक्ति से अधिक शक्तिशाली होती हैं। ब्राडिंग से उपभोक्ता की भावनाओं में बदलाव लाया जा सकता है।“  
उपरोक्त विचार प्रोफेसर मीरा माथुर ने यूसीसीआई में व्यक्त किये।    
उदयपुर चेम्बर आॅफ काॅमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा सुखाडिया विश्वविद्यालय के फैकल्टी आॅफ मैनेजमेन्ट स्टडीज के संयुक्त तत्वावधान में डिजीटल मार्केटिंग पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में विषय विशेषज्ञ एफ.एम.एस. की गैस्ट फैकल्टी डाॅ. भूमिका राठौड ने न्यूरो मार्केटिंग पर एवं नई मार्केटिंग विधाओं पर डाॅ. निकिता माटा द्वारा प्रतिभागियों को जानकारी दी गई।
सेमिनार के आरम्भ में अध्यक्ष श्री मनीष गलुण्डिया ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि यूसीसीआई द्वारा फैकल्टी आॅफ मैनेजमेन्ट स्टडीज के साथ इस विषय पर सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। आज की इस सेमिनार के माध्यम से उद्यमियों को यह जानकारी दी जायेगी कि वे अपने व्यावसायिक विकास हेतु मार्केटिंग की नई विधाओं का उपयोग कैसे करें।
सेमिनार की विषय विशेषज्ञा डाॅ. निकिता माटा एवं डाॅ. भूमिका राठौड का मानद महासचिव श्री आशीष छाबडा ने संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया।
सेमिनार के दौरान विषय विशेषज्ञ डाॅ. निकिता माटा ने नई मार्केंटिंग विधाओं के तहत डिजीटल मार्केटिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आपके ब्रांड की आॅनलाईन विजिब्लिटी होना बहुत जरुरी है।
सेमिनार की विषय विशेषज्ञा डाॅ. भूमिका राठौड के बारे में मानद महासचिव श्री आशीष छाबडा ने जानकारी देते हुए बताया कि डाॅ. भूमिका राठौड एच.आर.एम.  एक बिजनेस डेवलपमेन्ट कन्सलटेन्ट हैं। उन्होंने भारतीय प्रबन्ध संस्थान, उदयपुर एवं अहमदाबाद एवं उद्यमों में अपनी सेवाएं दी हैं। एम्पलाॅई ब्रांडिंग में डाॅक्टरेट की डिग्री प्राप्त डाॅ. निकिता माटा उद्योग जगत को सलाहकार सेवाएं देने के अलावा शोध कार्य से आज भी जुडे हुए हैं।
डाॅ. भूमिका राठौड ने न्यूरो मार्केटिंग का बेहतरीन साधन बताते हुए प्रतिभागियों को मानवीय भावनाओं को प्रमुखता प्रदान करते हुए अपना बिजनेस प्रोफाईल तैयार करने तथा बिजनेस डेवलप करने हेतु इस मार्केटिंग विधा का इस्तेमाल करने पर विस्तार से जानकारी दी।
फैकल्टी आॅफ मैनेजमेन्ट स्टडीज की निदेशक प्रोफेसर मीरा माथुर ने सोशल मीडिया के माध्यम से बिजनेस मार्केटिंग करना आज के समय की जरूरत है। हम डिजीटल मार्केटिंग, सेल्स, कम्यूनिकेशन, ट्रांजेक्शन के उस युग में प्रवेश कर चुके हैं जो आने वाले समय में और बढता ही जायेगा। अतः उद्यमी अपने उत्पाद अथवा सेवा की डिजीटल मार्केटिंग पर विशेष ध्यान देवें।
उन्होंने प्रतिभागियों के प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान प्रस्तुत किया। प्रोफेसर मीरा माथुर ने प्रतिभागियों के बिजनेस में डिजिटल प्लेटफाॅर्म के इस्तेमाल के बारे में पूछे गये प्रश्नों का समाधान प्रस्तुत करते हुए कार्मिकों की भावनाओं का सम्मान करने का सुझाव दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को डिजिटल माध्यम के उपयोग में सावधानी बरतने हेतु भी आगाह किया।
वेबिनार का संचालन मानद महासचिव श्री आशीष छाबडा ने किया। सेमिनार में लगभग 40 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
सेमिनार के अन्त में मानद महासचिव श्री आशीष छाबडा ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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