उदयपुर। राजस्थान सेवा क्षेत्र में एयरटेल के 900 एमएचजेड नेटवर्क में लगातार हो रहे गंभीर हस्तक्षेप के मुद्दे पर कंपनी ने तेजस नेटवर्क को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का अनुरोध किया है। एयरटेल की ओर से कहा गया है कि तेजस के बीएसएनएल साइटों पर लगाए गए उपकरणों से उत्पन्न क्रॉस-बैंड इंटरफेरेंस के कारण नेटवर्क की गुणवत्ता और प्रदर्शन प्रभावित हो रहा है।

एयरटेल द्वारा बताया गया कि तकनीकी समाधान के लिए तेजस नेटवर्क के साथ कई दौर की चर्चा, परीक्षण और निर्देशों के बावजूद अब तक कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। कंपनी के अनुसार, हस्तक्षेप का मूल कारण तेजस के रेडियो उपकरणों और फिल्टर डिज़ाइन में तकनीकी गैर-अनुपालन है।

एयरटेल ने स्पष्ट किया कि तेजस द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंड-पास फिल्टर भारत के 800 एमएचजेड बैंड की निर्धारित फ्रीक्वेंसी सीमा के अनुरूप नहीं हैं, जिसके चलते 900 एमएचजेड स्पेक्ट्रम में अन्य नेटवर्क ऑपरेटरों को गंभीर हस्तक्षेप झेलना पड़ रहा है। जबकि भारत के अन्य उपकरण निर्माता वर्षों से निर्धारित मानकों के अनुसार फिल्टर तैयार करते आए हैं, जिससे किसी भी फ्रीक्वेंसी पर अवांछित हस्तक्षेप नहीं होता।

एयरटेल ने यह भी उल्लेख किया कि यदि तेजस नेटवर्क समय रहते अपने उपकरणों को भारत की फ्रीक्वेंसी योजना के अनुसार संशोधित कर देता, तो लाखों उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता। हस्तक्षेप के कारण एयरटेल की सेवा गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और नेटवर्क स्थिरता भी प्रभावित हुई है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एयरटेल ने तेजस नेटवर्क से सभी बीएसएनएल साइटों पर लगाए गए फिल्टर्स को तुरंत पुनः कैलिब्रेट करने तथा और मानक आधारित बैंड-पास फिल्टर्स लगाने का अनुरोध किया है।

यह आधिकारिक पत्र एयरटेल के मुख्य नियामक अधिकारी राहुल वत्स द्वारा जारी किया गया है और इसे भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों तथा प्रमुख दूरसंचार कंपनियों को भी प्रेषित किया गया है।

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