17 फरवरी 2026 को पश्चिमी राजस्थान के क्वार्टज, फैल्सपार, माइका, बेराइट्स तथा चूनापत्थर के खान मालिकों की जागरूकता हेतु उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंण्डस्ट्रीज तथा भारतीय खान ब्यूरो, खान मंत्रालय, भारत सरकार के उत्तरांचल कार्यालय, के संयुक्त तत्वावधान में एक कार्यशाला आयोजित की गई।
अपने उद्द्बोधन में भारतीय खान ब्यूरो, पश्चिम अंचल के खान नियंत्रक श्री अभय अग्रवाल ने बताया कि देश के समग्र विकास के लिए भारत सरकार की अधिसूचना के आधार पर क्वार्टज, फैल्सपार, माइका, बेराइट्स तथा चूनापत्थर खनिजों को अप्रधान से प्रधान खनिज घोषित किया गया है। इससे देश को क्रिटिकल खनिजों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सकेगा क्योकि ये खनिज प्रायः क्वार्टज, फैल्सपार, माइका, आदि के साथ पाए जाते है । अप्रधान से प्रधान खनिज घोषित करने पर, सरकार के निर्देशानुसार ही खनन उद्यमियों को मासिक/वार्षिक विवरणीय भरने तथा पंजीकरण में जो भी समस्या आ रही है, उनके समाधान के लिए भारतीय खान ब्यूरो द्वारा, उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंण्डस्ट्रीज के साथ मिलकर, एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । उन्होंने बताया कि इन खनिजों से सम्बंधित नियमो के सरलीकरण के लिए भी सरकार के स्तर पर कार्य जारी है।
इसी क्रम में उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंण्डस्ट्रीज के अध्यक्ष श्री मनीष गलुण्डिया ने बताया कि चेम्बर सरकार व व्यावसासियों के मध्य सेतु का कार्य करता है। साथ ही यह भी बताया की चैम्बर द्वारा छोटे खान मालिकों को ऑनलाइन रीटर्न भरने की जानकारी देने के लिए ही भारतीय खान ब्यूरो के साथ मिलकर इस कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्होंने उपस्थित सभी पट्टाधारियों से नियमों की पालना करते हुए खनन कार्य करने का आह्वान किया ताकि उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
इस कार्यशाला में भारतीय खान ब्यूरो के अजमेर कार्यालय के अधिकारियों सर्व श्री दिलीप जैन, वरिष्ठ खनन भूविज्ञानी, श्री अजय जाटोलिया, सहायक खनन अभियंता द्वारा खान मालिकों को पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन द्वारा ऑनलाइन मासिक/वार्षिक रीटर्न भरने तथा पंजीकरण के बारे में विस्तृत रूप से समझाया गया। इसके बाद इस सम्बन्ध में खान मालिकों की समस्याओ को सुन कर उनके सवालों का भी जवाब दिया गया ।
कार्यशाला में श्री महेश माथुर, अतिरिक्त निदेशक, खान एवं भू विज्ञान विभाग, राजस्थान सरकार एवं श्री आसिफ अंसारी, खनन अभियंता खान एवं भू विज्ञान विभाग, राजस्थान सरकार, भी उपस्थति थे। उन्होंने कहा की भारत सरकार और राजस्थान सरकार खान मालिकों की समस्या के समाधान के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने यह भी विश्वास दिलाया की किसी भी खान मालिक को कोई भी समस्या होने पर वे कार्यालय में आ कर मदद ले सकते है।
इस अवसर पर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष श्री एम.एल.लूनावत ने खनन पट्टाधारियों की विभिन्न समस्याओं को रखा एवं छोटे खान मालिकों हेतु नियमो के सरलीकरण की भी मांग करी जिससे की उनकी अधिकाधिक पालना करी जा सके। श्री अभय अग्रवाल ने इनका समुचित जवाब दिया तथा उनके त्वरित निराकरण हेतु भी आश्वासन दिया।
इस कार्यशाला में भारतीय खान ब्यूरो, उदयपुर कार्यालय के श्री मनीष गुप्ता, सहायक खान नियंत्रक, श्री अजिकेय प्रतापराव भाखे, सहायक खान नियंत्रक, श्री सुरेंद्र कुमावत, श्री दिलीप पंवार आदि के साथ उदयपुर संभाग के 75 से अधिक खान मालिक व उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यशाला का सफल संचालन श्री हितांशु कौशल, कार्यकारिणी सदस्य एवं उपाध्यक्ष (खनन उपसमिति), उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा किया गया।
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