दुबई : डीपी वर्ल्ड ने आज 2025 के अपने शानदार वित्तीय नतीजे जारी किए। बीते साल कंपनी का राजस्व 22 प्रतिशत बढ़कर 24.4 अरब डॉलर और एडजस्टेड ईबीआईटीडीए 18 प्रतिशत बढ़कर 6.4 अरब डॉलर (मार्जिन 26.3 प्रतिशत) पर रहा। पोर्ट्स एवं टर्मिनल्स और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में जबर्दस्त प्रदर्शन के दम पर कंपनी ने ये नतीजे हासिल किए हैं।
कुल ग्रुप ग्रॉस थ्रोपुट 5.8 प्रतिशत बढ़कर 9.34 करोड़ ट्वेंटी फीट इक्विवेलेंट यूनिट्स (टीईयू) के बराबर रहा।
बीते साल कंपनी का लाभ 32.2 प्रतिशत बढ़कर 1.96 अरब डॉलर रहा, जो कंपनी की परिचालन की खूबियों और अनुशासित लागत प्रबंधन को दिखाता है। ऑपरेटिंग कैश फ्लो 14 प्रतिशत बढ़कर 6.3 अरब डॉलर रहा।
इन नतीजों को लेकर डीपी वर्ल्ड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चेयरमैन एसा कजीम ने कहा, ‘बेहद अनिश्चितता और बदलते ट्रेड डायनामिक्स के दौर में हमारे विविध पोर्टफोलियो, अनुशासित पूंजी आवंटन और हाई-यील्ड कार्गो पर हमारे फोकस ने हमें अपनी आय बढ़ाने और कैश फ्लो को मजबूत बनाने में मदद की। ये नतीजे हमारे इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म की ताकत और बदलते सप्लाई चेन के दौर में तेजी से ढलने की हमारी क्षमता को दर्शाते हैं।’
डीपी वर्ल्ड के ग्रुप सीईओ युवराज नारायण ने कहा, ‘ज्यादा वॉल्युम, बेहतर यील्ड और अनुशासित लागत प्रबंधन के साथ पोर्ट्स एवं टर्मिनल्स ने बेहतर प्रदर्शन किया। 2025 में प्रत्येक टीईयू पर राजस्व 8.5 प्रतिशत बढ़ा। इस बढ़ोतरी के साथ हमने अपनी सभी मरीन सर्विसेज बिजनेस को डीपी वर्ल्ड के एकमात्र ब्रांड के अंतर्गत एकीकृत किया है। इससे पूरी तरह से इंटीग्रेटेड ग्लोबल लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर के रूप में हमारी स्थिति मजबूत हुई। लॉजिस्टिक्स एवं अन्य बड़े ट्रेड प्लेटफॉर्म पर हमने लगातार अपनी क्षमता को बढ़ाने और हमारे ‘वन डीपी वर्ल्ड’ ऑपरेटिंग मॉडल के माध्यम से गठजोड़ को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। हम लगातार अनुशासित तरीके से पूंजी आवंटन करने, परिचालन में उत्कृष्टता लाने और अपने ग्राहकों को केंद्र में रखकर कदम उठाने पर फोकस कर रहे हैं। हम अनिश्चितता के दौर में अपने ग्राहकों का समर्थन कर रहे हैं और लंबी अवधि में सतत विकास के लिए सोच समझकर निवेश कर रहे हैं।’
रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (आरओसीई) 2024 में 8.9 प्रतिशत था, जो 2025 में 9.9 प्रतिशत हो गया। यह भू-राजनीतिक एवं व्यापार के स्तर पर अनिश्चितता के बावजूद हमारी आय में मजबूती दिखाता है।
डीपी वर्ल्ड ने 2025 में वैश्विक स्तर पर क्षमता विस्तार और उत्पादकता बढ़ाने के लिए 3.1 अरब डॉलर का पूंजीगत व्यय किया। पोर्ट कैपेसिटी बढ़कर 10.9 करोड़ टीईयू हो गई। 2026 के लिए ग्रुप का कैपेक्स बजट करीब 3 अरब डॉलर का है। इसमें जेबेल अली, ड्राईडॉक्स वर्ल्ड, टूना टेकरा (भारत), लंदन गेटवे (यूके), डायाने (सेनेगल) और जेद्दा (सऊदी अरब) समेत प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट्स पर फोकस किया जाएगा।
डीपी वर्ल्ड ने 2022 बेसलाइन की तुलना में स्कोप 1 और स्कोप 2 उत्सर्जन को 14 प्रतिशत कम किया है। साथ ही वैश्विक स्तर पर कंपनी 67 प्रतिशत बिजली अक्षय ऊर्जा स्रोतों से ले रही है।
2025 में ग्रुप के प्रदर्शन में डीपी वर्ल्ड के भारतीय परिचालन का मजबूत योगदान रहा है। भारतीय परिचालन ने अब तक का सबसे मजबूत पोर्ट्स एवं टर्मिनल्स परफॉर्मेंस दिखाया है। चेन्नई, मुंबई और कोच्चि में इसके तीन इकोनॉमिक जोन तेजी से बढ़ रहे हैं। इनकी ऑक्युपेंसी 80 प्रतिशत से ज्यादा है। इसके साथ-साथ कुछ उल्लेखनीय निवेश भी किए गए हैं:
भारत के दूरदराज के क्षेत्रों में रेल एवं इनलैंड कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मल्टीमोडल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर काम हो रहा है, कंपनियों के लिए बंदरगाहों एवं घरेलू हब तक रेल से पहुंच को मजबूत किया जा रहा है।
गुजरात में 21.9 लाख टीईयू क्षमता वाले टूना-टेकरा मेगा कंटेनर टर्मिनल का निर्माण, जो शेड्यूल से आगे चल रहा है।
डीपी वर्ल्ड ने अपने इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन नेटवर्क को और मजबूती देने के लिए 5 अरब डॉलर के अतिरिक्त निवेश की घोषणा भी की है, जिससे निर्यात एवं घरेलू व्यापार दोनों को समर्थन मिलेगा।
डीपी वर्ल्ड के सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर – सबकॉन्टिनेंट, सेंट्रल एशिया, लेवैंट एवं इजिप्ट, रिजवान सूमार ने कहा, ‘भारत डीपी वर्ल्ड के लिए विकास की दृष्टि से प्रमुख बाजार बना हुआ है और हमारा लगातार निवेश यहां के व्यापार की दीर्घकालिक संभावनाओं में हमारा भरोसा दिखाता है। अपने पोर्ट्स एवं लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने से लेकर मल्टीमोडल कनेक्टिविटी को मजबूती देने और विश्वस्तरीय इकोनॉमिक जोन विकसित करने तक, हम ऐसा इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन नेटवर्क तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय एवं घरेलू व्यापार, दोनों को मदद मिले। इन पहल से हमारी दक्षता बढ़ेगी, कंपनियों के लिए नए अवसर खुलेंगे और भारत के आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा।’
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