उदयपुर, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर के प्रोफेसर डॉ. नारायण लाल मीणा के मार्गदर्शन में पंचायत समिति झाड़ोल की ग्राम पंचायत दमाणा के राजस्व ग्राम दमाणा मंगवास में जनजाति किसानों के लिए मशरूम उत्पादन एवं आधुनिक कृषि तकनीकों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर किसानों को मशरूम खेती के लिए आवश्यक उपकरण भी वितरित किए गए।
प्रशिक्षण के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों, गुणवत्तापूर्ण बीज चयन, उत्पादन प्रक्रिया, रखरखाव, रोग एवं कीट प्रबंधन, विपणन तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। विशेषज्ञों ने बताया कि मशरूम उत्पादन कम लागत में अधिक आय देने वाला स्वरोजगार का एक प्रभावी माध्यम है, जिससे ग्रामीण एवं जनजातीय परिवारों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।
कार्यक्रम में किसानों को राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग तथा जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने पर विशेष बल दिया गया। इस अवसर पर आदिवासी क्षेत्र के किसानों के लिए सौर ऊर्जा आधारित कृषि पंप एवं सोलर सिस्टम पर अधिक अनुदान उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी व्यक्त की गई।
कृषि विशेषज्ञों ने क्षेत्र के बालक-बालिकाओं एवं युवाओं से कृषि विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा से जुड़कर आधुनिक कृषि, उद्यमिता तथा नवाचार आधारित खेती को अपनाने का आह्वान किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 50 जनजाति किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मशरूम उत्पादन एवं आधुनिक खेती की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत दमाणा की प्रशासक खातू देवी, सामाजिक कार्यकर्ता हीरालाल डाबी सहित स्थानीय किसान एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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