जयपुर। राजस्थान विधानसभा के पंचम सत्र के शुक्रवार को तीसरे दिन हवा महल विधानसभा क्षेत्र से विधायक बालमुकुंद आचार्य मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा में लाउडस्पीकर की तेज आवाज से होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाए जाने की जानकारी दी।
विधायक आचार्य ने कहा कि तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकरों से आमजन परेशान है। विशेष रूप से पढ़ाई करने वाले बच्चे, माइग्रेन से पीड़ित मरीज और अस्पतालों में भर्ती रोगियों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले कबीलाई परंपरा में लोग दूर-दूर रहते थे और समय देखने की सुविधा भी नहीं होती थी, उस समय तेज आवाज में सूचना देने की जरूरत होती थी, लेकिन आज भी उसी परंपरा का पालन करते हुए तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाए जा रहे हैं, जो अनुचित है।
उन्होंने बताया कि चार-पांच मंजिला ऊंचाई से लगाए गए स्पीकरों की आवाज दूर-दूर तक जाती है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। विधायक ने कहा कि जब रात्रि 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर की आवाज पर रोक है, तो अन्य समय और अन्य स्थलों पर भी तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर बंद होने चाहिए, चाहे वह किसी भी धर्म से संबंधित हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, लेकिन नियम सभी के लिए समान होने चाहिए।
विधायक आचार्य ने कहा कि उनकी विधानसभा से उन्हें इस संबंध में शिकायतें मिली हैं, जिनके वीडियो भी उनके पास उपलब्ध हैं। कुछ मोहल्लों में लोगों का कहना है कि मस्जिदों में बजने वाले लाउडस्पीकरों की तेज आवाज से वे परेशान हैं। उन्होंने केवल आवाज कम करने की मांग की है। कई लोगों ने यहां तक कहा है कि वे इस परेशानी के कारण मोहल्ला छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं।
इसके अलावा विधायक ने जोधपुर की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि साध्वी प्रेम बाईसा ने कम उम्र में गौ सेवा, जन सेवा और निर्धन बच्चों की शिक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। विधायक ने उनकी मृत्यु के कारणों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच के बाद सभी शंकाओं का समाधान होना चाहिए। साथ ही, उनकी छवि को धूमिल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
गौरतलब है कि जोधपुर की फेमस कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की 28 जनवरी को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
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