जयपुर। रेलमंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को प्रस्तुत बजट में भारतीय रेलवे के लिए किए गए प्रावधानों पर वीडियों कान्फ्रेंसिंग से चर्चा करते हुए बताया कि माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विगत 11 वर्षों में रेलवे के विकास के लिए विशेष बल दिया गया है, जिससे रेलवे पर संरक्षा, इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, आधुनिकीकरण और संरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। वर्ष 2026-27 में रेलवे को अभी तक का सबसे अधिक रिकार्ड 2.78 लाख करोड़ रूपए के बजट का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 में इन्फ्रास्ट्रचर कार्यों को गति प्रदान करने के लिए 2.93 लाख करोड़ रूपए के पूंजीगत व्यय का आवंटन किया गया है। माननीय रेलमंत्री ने बजट 2026 में पहली बार इतने अधिक बजट आवंटन के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद दिया है।
श्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान के बारे में जानकारी प्रदान देते हुए बताया कि राजस्थान राज्य बहुत बड़ा प्रदेश है और यहाँ रेलवे के विकास के लिए अनेकों कार्य प्रगति पर है। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में वर्ष 2026-27 के बजट में पहली बार 10 हजार करोड़ रूपए से अधिक 10228 करोड़ रूपए प्रदान किए गए है जो कि वर्ष 2009-14 के बजट की तुलना में लगभग 15 गुणा अधिक है। राजस्थान में स्थित 85 रेलवे स्टेशनों को 4500 करोड़ रूपए से अधिक की लागत के साथ अमृत स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है जिनका कार्य बहुत तेजी के साथ प्रगति पर है। 8 स्टेशनों (गोगामेड़ी, फतेहपुर शेखावाटी, राजगढ़, देशनोक, बूंदी, गोविंदगढ़, मंडावर महुआ रोड़, मांडलगढ) का उद्घाटन देशनोक से माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा किया गया।
उन्होंने बताया कि राजस्थान में 56000 करोड़ रूपए से अधिक के कार्य प्रगति पर है। राजस्थान में लगभग 99 प्रतिशत विद्युतीकरण हो गया है। राजस्थान में वर्ष 2014 से अब तक रेलवे ट्रैक पर 1514 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया गया है तथा लगभग 3,900 किलोमीटर ट्रेक का निर्माण किया गया है जो कि डेनमार्क के कुल रेल नेटवर्क से अधिक है।
राजस्थान में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के फलस्वरूप नई गाड़ियों का संचालन किया जा रहा है। बेहतर रेल सम्पर्क के लिए 6 जोडी वंदे भारत और 1 जोड़ी अमृत भारत ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। विगत समय में जोधपुर और बीकानेर से वंदे भारत ट्रेन तथा जैसलमेर से स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस जैसी लोकप्रिय ट्रेनों का संचालन प्रारम्भ किया गया है। इसके साथ ही जोधपुर से पुणे, हैदराबाद और चैन्नई के लिए भी नई ट्रेनों का संचालन प्रारम्भ किया गया है।
श्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान में रेल परियोजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य सरकार के सकारात्मक सहयोग के लिए धन्यवाद दिया तथा कहा कि राजस्थान में सभी परियोजनाओं को लक्ष्यानुसार पूरा किया जाएगा।
उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री अमिताभ ने मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान में इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्यों के लिए पर्याप्त बजट प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह सुनहरा अवसर है जब राज्य में रेल विकास के लिए अनेक कार्य प्रगति पर है। राजस्थान में क्षमता बढोतरी के लिए कार्य त्वरित गति के साथ निष्पादित किए जा रहे हैं। राजस्थान में अधिकांश निर्माण परियोजनाएं विगत 2-3 वर्षों में स्वीकृत की गई है तथा नई लाइन, दोहरीकरण और गेज परिवर्तन के कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे में वर्ष 2024-25 में 70 किलोमीटर निर्माण परियोजनाओं को पूरा किया गया तथा इस वर्ष अभी तक 94 किलोमीटर नई लाइन एवं दोहरीकरण के कार्य पूरे किए गए है। वर्ष 2026-27 में 300 किलोमीटर से अधिक नई लाइन, दोहरीकरण और गेज परिवर्तन के कार्य पूरे करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
श्री अमिताभ ने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे में लगभग 1500 किलोमीटर से अधिक के नई लाइन, दोहरीकरण और गेज परिवर्तन के कार्य प्रगति पर है और 1500 किलोमीटर से अधिक के कार्य स्वीकृति के विभिन्न चरणों में है। इसके साथ ही 2000 किलोमीटर से अधिक के नई लाइन व दोहरीकरण के सर्वें प्रगति पर है। निर्माण परियोजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में बताया कि रतनगढ़-चूरू 50 किलोमीटर रेलखंड के दोहरीकरण का कार्य मात्र 2 वर्ष में पूरा किया गया तथा चूरू-सादुलपुर 28 किलोमीटर रेलखंड दोहरीकरण के कार्य को 2 वर्ष से भी कम समय में पूरा किया गया है।
संरक्षा को सुदृढ़ करने के बारे में कवच प्रणाली की स्थापना के बारे में बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे पर पूरे रेल नेटवर्क का कार्य स्वीकृत है तथा 1586 किलोमीटर में कान्ट्रेक्ट अवार्ड कर दिए गए है तथा वर्ष 2026-27 में 250 किलोमीटर रेलमार्ग में कवच प्रणाली स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
श्री अमिताभ ने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे में 77 स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य किया जा रहा है जिनमें से उत्तर पश्चिम रेलवे के 5 स्टेशनों का उद्घाटन देशनोक से माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा किया गया है। 4 स्टेशनों का कार्य पूरा हो गया है और अगले 2 महिनों में 10 और स्टेशनों का कार्य पूर्ण हो जाएगा। उन्होंने बताया कि जैसलमेर स्टेशन पर कार्य पूरा हो गया है और शीघ्र ही इसका उद्घाटन किया जाएगा। गांधीनगर जयपुर और जयपुर स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि अगले 2-3 महिनों में कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
अधिक ट्रेनों के संचालन के अनुरक्षण सुविधाओं के विस्तार के बारे में बताया कि विभिन्न स्थानों पर कोच मेटेनेंस डिपों के कार्य किए जा रहे है। जैसलमेर में पिट का निर्माण और खातीपुरा में कोच केयर कॉम्पलेक्स का कार्य अंतिम चरण में है तथा बाडमेर और श्रीगंगानगर में कार्य स्वीकृत है। इसके साथ ही भगत की कोठी में वंदे भारत और स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों के अनुरक्षण के लिए टेक्नोलॉजी पार्टनर के तौर पर सुविधा विकसित की जा रही है।
प्रेस वार्ता में विभागाध्यक्ष, रेल अधिकारीगण तथा पत्र सूचना कार्यालय के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
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राजस्थान को रिकार्ड 10228 करोड़ रूपये के बजट का आवंटन
संरक्षा, इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्टेशनों का पुनर्विकास तथा यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित
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