राजस्थान ने पीएम कुसुम योजना में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है, जहां प्रदेश ने कम्पोनेंट ए और सी के तहत 3,000 मेगावाट की सौर ऊर्जा क्षमता अर्जित कर ली है। यह उपलब्धि न केवल राजस्थान को अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाती है, बल्कि मुंबई जैसे महानगरों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है—जो ऊर्जा की बढ़ती मांग और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल वाली पीएम कुसुम योजना के जरिए राजस्थान के किसान अब सिर्फ ‘अन्नदाता’ नहीं, बल्कि ‘ऊर्जादाता’ भी बन रहे हैं। डबल इंजन सरकार (केंद्र और राज्य) के विजन से प्रदेश ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर तेज कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री ने मेहनती किसानों, ऊर्जा विभाग और राजस्थान डिस्कॉम्स के कर्मचारियों को बधाई दी है।
राजस्थान की सौर ऊर्जा में बढ़त: मुंबई के लिए क्या मायने?
मुंबई और महाराष्ट्र, जहां औद्योगिक और शहरी ऊर्जा खपत बहुत ज्यादा है, वहां सौर ऊर्जा के बड़े प्रोजेक्ट्स और ग्रिड इंटीग्रेशन की जरूरत बढ़ रही है। राजस्थान का यह मॉडल दिखाता है कि विकेंद्रीकृत सौर परियोजनाएं (जैसे पीएम कुसुम कम्पोनेंट ए में 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक के ग्राउंड/स्टिल्ट माउंटेड प्लांट्स) न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करती हैं, बल्कि पूरे देश की ग्रिड को सस्ती और क्लीन एनर्जी सप्लाई कर सकती हैं।
राजस्थान के 22 जिलों में किसानों को अब दिन में बिजली मिल रही है, जो पहले डीजल पंपों या अनियमित सप्लाई पर निर्भर थे। कम्पोनेंट बी के तहत सोलर पंपसेट पर अनुदान देकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। यह मॉडल मुंबई के आसपास के ग्रामीण इलाकों या महाराष्ट्र के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है, जहां सौर ऊर्जा से बिजली की लागत कम हो सकती है और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आय हो सकती है।
उपलब्धि के आंकड़े और प्रभाव
* 3,000 मेगावाट क्षमता (कम्पोनेंट ए और सी में) हासिल की गई है।
* राजस्थान देश में पीएम कुसुम योजना के इन घटकों में नंबर 1 पोजीशन पर है।
* इससे किसानों की आय बढ़ रही है, सब्सिडी बोझ कम हो रहा है और CO2 उत्सर्जन में कमी आ रही है।
* मार्च 2026 तक और लक्ष्य हैं, जिसमें और क्षमता जोड़ी जाएगी।
भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान अक्षय और सौर ऊर्जा में नए आयाम स्थापित कर रहा है। ‘समृद्ध किसान और खुशहाल राजस्थान’ का संकल्प साकार हो रहा है, जो पूरे देश के लिए उदाहरण है—खासकर उन शहरों के लिए जहां ऊर्जा ट्रांजिशन एक बड़ी चुनौती है।
यह खबर सिर्फ राजस्थान की नहीं, बल्कि भारत की क्लीन एनर्जी क्रांति की है—जिसमें किसान भी हिस्सेदार बन रहे हैं और शहरों को भी फायदा मिलेगा।
National News
राजस्थान ने पीएम कुसुम योजना में एक बड़ा मुकाम हासिल किया
Related stories
GMCH Spreads the Message of a Healthy Heart Among Senior Citizens on World Heart Day
Udaipur: Geetanjali Hospital, Udaipur, in association with Maharana Pratap Senior Citizens Institute, organis…
KOTA MILITARY STATION ORGANISES KOTA GANDIV MARATHON 1.0 AS PART OF GANDIV GOLDEN JUBILEE CELEBRATIONS
Jaipur: As part of the Gandiv Golden Jubilee Celebrations, Kota Military Station organised the Kota Gandiv Ma…
Diver Victory Presentation’ Brings History Alive at Vidya Bhawan Polytechnic’s Meljol Mela
Udaipur: The life and reign of Maharana Pratap offer an inspiring example of good governance, financial manag…
Maternal and Child Health, Nutrition Top Government Priorities: Kharadi
Udaipur: The three-day Angan Seva Milan programme, organised under the Viksit Bharat–Jan Seva Abhiyan, conclu…