उदयपुर |  पैसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ नर्सिंग में श्रीमती साधना नागर को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। उन्होंने _"उदयपुर के चयनित ग्रामीण क्षेत्रों में 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों का पोषण संबंधी मूल्यांकन"_ विषय पर शोध कार्य फैकल्टी ऑफ नर्सिंग के डीन प्रो. (डॉ.)  के. सी. यादव के निर्देशन में पूर्ण किया।

समारोह में पैसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. यू. एस. परिहार, रिसर्च डीन डॉ. आर. के. पालीवाल, डॉ. महाराज सिंह, डॉ. आशीष गोयल, डॉ. रोहिताश, डॉ. संजय नागदा, डॉ. सुनील जोशी सहित वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

श्रीमती नागर ने बताया कि जीवन के पहले पाँच वर्ष शारीरिक, मानसिक और रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं। इस उम्र में कुपोषण का प्रभाव पूरे जीवन पर पड़ता है। आज का स्वस्थ बच्चा ही कल का  स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक होगा। बच्चों के पोषण में निवेश देश के भविष्य के कार्यबल में निवेश है।
इस शोध के निष्कर्ष सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लक्षित पोषण नीतियाँ बनाने, अभिभावकों को शिशु आहार एवं पूरक पोषण की सही जानकारी देने, नर्सिंग स्टाफ को ग्रोथ मॉनिटरिंग और कुपोषण की शुरुआती पहचान में मदद करने तथा भविष्य में और विस्तृत अध्ययन के लिए बेसलाइन डाटा उपलब्ध कराने में उपयोगी सिद्ध होंगे।

श्रीमती नागर  वर्तमान में राजकीय  कॉलेज ऑफ नर्सिंग, उदयपुर में संकाय  सदस्य  के  रूप कार्यरत है उन्होंने अपने शोध सफलता पूर्वक पूर्ण होने का श्रेय अपने पति प्रोफेसर डॉ.सतीश नागर, पुत्र  आयुष नागर ,आर्यन नागर  एवं समस्त परिवार और रिसर्च गाइड डीन डायरेक्टर प्रोफेसर (डॉ. ) के. सी. यादव और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उपस्थित विशेषज्ञों ने कहा कि ग्रामीण भारत में कुपोषण एक बड़ी चुनौती है और यह शोध जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
 

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