सर पदमपत सिंघानिया यूनिवर्सिटी (एसपीएसयू) उदयपुर ने (TERRE) टीइआरआरइ पॉलिसी सेंटर, पुणे के साथ मिलकर 2 फरवरी, 2026 को इंटरनेशनल वेटलैंड्स डे मनाने के लिए कॉन्क्लेव: “पाथ टू सस्टेनेबिलिटी 2026- स्ट्रेटेजी एंड इम्प्लीमेंटेशन” का सफलतापूर्वक आयोजन किया। जाने-माने जल संरक्षणवादी, डॉ. राजेंद्र सिंह जिन्हें 'वॉटरमैन ऑफ इंडिया' के नाम से भी जाना जाता है, ने मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई। उनके प्रेरणादायक भाषण में समुदाय-आधारित जल प्रबंधन, पारिस्थितिक संतुलन और जिम्मेदार नागरिकता पर जोर दिया गया।माननीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) पृथ्वी यादव ने सस्टेनेबिलिटी-आधारित शिक्षा, अनुसंधान और सामुदायिक जुड़ाव के प्रति यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
कॉन्क्लेव में यूनाइटेड नेशंस ग्लोबल कॉम्पैक्ट नेटवर्क इंडिया (यूएन जीसीएनआई), नई दिल्ली; टीइआरआरइ पॉलिसी सेंटर, पुणे; स्वाहा रिसोर्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, इंदौर; अंबुजा फाउंडेशन (हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड); सर्वहित कल्याण सेवा समिति, महाराष्ट्र एवं वी-नेचुरलिस्ट्स, दिल्ली के साथ कैंपस सस्टेनेबिलिटी और एसपीएसयू प्रेरणा 2.0 के लिए ऍमओयू पर भी प्रकाश डाला गया।प्रेरणा बुकलेट, जिसमें शैक्षणिक वर्ष 2025 के दौरान किए गए प्रोजेक्ट शामिल थे, भी लॉन्च की गई और सामुदायिक जुड़ाव प्रोजेक्ट एसपीएसयू प्रेरणा 2.0 की भी घोषणा की गई।
कॉन्क्लेव में दो प्रभावशाली पैनल चर्चाएँ पैनल चर्चाएँ आयोजित की हुई। पैनल चर्चा I: “एसडीजी फ्रेमवर्क में वेटलैंड्स: सस्टेनेबल भविष्य के लिए शिक्षात्मक रास्ते” में एसडीजी को हासिल करने में वेटलैंड्स के महत्व और पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने में शिक्षा की भूमिका पर चर्चा की गई। डॉ. विनीता आप्टे, फाउंडर, डायरेक्टर- टीइआरआरइ पॉलिसी सेंटर, पुणे इस पैनल चर्चा की सभापति थीं। पैनल में जाने-माने विशेषज्ञ जैसे श्री रत्नेश, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, यूएन ग्लोबल कॉम्पैक्ट नेटवर्क, सुश्री करुणा सिंह, रीजनल डायरेक्टर, एशिया-अर्थ डे नेटवर्क, डॉ. समीर शर्मा, सीइओ, स्वाहा रिसोर्स मैनेजमेंट, श्री राजेश सोनी, टेक्निकल हेड, जेके सीमेंट, निम्बाहेड़ा, और श्री रोनक शाह, सीइओ, सेवा मंदिर, उदयपुर सम्मिलित थे। उन्होंने नीति, संरक्षण तरीकों और सामुदायिक जुड़ाव पर अपनी राय साझा की। पैनल चर्चा–II का विषय “जैव विविधता संरक्षण: चुनौतियाँ, रणनीतियाँ एवं आगे की राह” था, जिसमें जैव विविधता ह्रास, संरक्षण रणनीतियों तथा पारिस्थितिकीय लचीलापन (इकोलॉजिकल रेज़िलिएंस) सुनिश्चित करने हेतु भविष्य की दिशाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस सत्र के मॉडरेटर डॉ. राम बूझ, पूर्व पर्यावरण विशेषज्ञ, यूनेस्को थे। इस पैनल चर्चा में प्रतिष्ठित पैनलिस्ट के रूप में श्री अमित बांका, संस्थापक एवं सीईओ, वी-नेचुरलिस्ट्स; श्री चिन्मय जैन, ज़ोनल मैनेजर, अंबुजा फाउंडेशन; प्रो. (डॉ.) मधु वत्स, ब्रांड एंबेसडर, मिशन स्वच्छ भारत एवं संस्थापक, SKSS; श्री रवि गोविंदराज, क्षेत्रीय निदेशक, नेचर साइंस फाउंडेशन; श्रीमती संगीता पात्रा, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, स्किल काउंसिल फॉर ग्रीन जॉब्स तथा प्रो. (डॉ.) पृथ्वी यादव, अध्यक्ष, एसपीएसयू शामिल रहे।
कॉन्क्लेव 2026 का एक मुख्य आकर्षण ग्रीन स्पार्क्स आइडियाथॉन था, जहाँ उदयपुर और उसके आसपास के 20 स्कूलों के 100 से ज़्यादा छात्रों ने नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण और जलवायु जैसे क्षेत्रों में सस्टेनेबिलिटी चुनौतियों से निपटने वाले इनोवेटिव प्रोजेक्ट दिखाए। प्रथम पुरस्कार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, महाराज की खेड़ी द्वारा प्राप्त किया गया, द्वितीय पुरस्कार द स्टडी उच्च माध्यमिक विद्यालय, उदयपुर को मिला तथा तृतीय पुरस्कार पीएम श्री राजकीय विद्यालय, नवाणिया ने प्राप्त किया।
कार्यक्रम का समन्वयन डा. तूलिका चक्रवर्ती, डा. पृथ्वी सिंह तथा डा. इमरान अनवर ने किया|
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