अंगदान जागरूकता बढ़े तो,बच सकते हैं कई जीवन13 अगस्त का दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर,विश्व अंगदान दिवस के रूप में मनाया जाता है ।
इसको मनाने के पीछे मूल उद्देश्य यही रहता है कि,अधिक से अधिक लोगों को, अंगदान के बारे में जागरूक किया जाये और अंगदान से संबंधित जो भी भ्रांतियां हैं, उनको समय रहते दूर किया जाए ।विश्व अंगदान दिवस के अवसर पर शाइन इंडिया फाउंडेशन के जागरूकता अभियान के पोस्टर का विमोचन आज ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने किया ।
उन्होंने अंगदान के प्रति अपने विचार बताते हुए कहा कि, अंगदान वर्तमान समय की माँग है, जागरूकता प्रतिशत बढ़े तो अंगदान के माध्यम से मृत्यु के करीब आए लोगों का जीवन बचाया जा सकता है ।
विमाचन के दौरान अनुरोध फाउंडेशन के संस्थापक नितिन गौतम, शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ कुलवंत गौड़ और विकास दीक्षित मौजूद थे ।इसी क्रम में शाइन इंडिया फाउंडेशन भी पिछले 15 वर्षों से नेत्रदान,अंगदान,त्वचादान और देहदान के लिए कार्य कर रहा है ।
हाडोती संभाग के पहले वरिष्ट ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर डॉ कुलवंत गौड़ ने बताया कि,भारत में प्रतिवर्ष 5 लाख से ज्यादा लोगों की मृत्यु, अंगों के अभाव के कारण हो रही है ।
इन सभी व्यक्तियों का जीवन ब्रेन डेड हुए मरीज के,अंगो के दान से बचाया जा सकता है ।
एक ब्रेन डेड व्यक्ति के किडनी,लिवर, इंटेस्टाइन, पेनक्रियाज,आँखें और हार्ट से कम से कम 9 लोगों का जीवन बचाया जा सकता है ।ज्ञात हो कि, संस्था सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'जुग जुग जियो' अभियान को घर-घर पहुंचाने के उद्देश्य से कई ऐसे नवाचार किए हैं,जिनके कारण अंगदान महादान का संदेश हर उम्र और वर्ग तक पहुंचा है ।