ा 12 अगस्त 2026 को सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय (SPSU) के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंसेज के विज्ञान विभाग द्वारा “स्वामी विवेकानंद की दृष्टि में भारत: राष्ट्र-निर्माण, व्यक्तित्व एवं चरित्र विकास” विषय पर कार्यशाला एवं स्वतंत्रता दिवस पूर्व समारोह का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में संत स्वामी मेधजानंद जी, रामकृष्ण आश्रम, राजकोट के युवा कार्यक्रमों के समन्वयक, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय के माननीय अध्यक्ष डॉ. संजय सिन्हा, FRSA ने स्वामी मेधजानंद जी का अभिनंदन किया तथा स्वामी विवेकानंद के एक सशक्त, आत्मनिर्भर और चरित्रवान भारत के दृष्टिकोण की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को जिम्मेदार नागरिकता और राष्ट्र-निर्माण की दिशा में प्रेरित करने में इन विचारों की भूमिका पर बल दिया।

कार्यशाला दो बैचों में आयोजित की गई, जिसमें प्रत्येक बैच में 120 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों को स्वामी मेधजानंद जी को सुनने, उनके विचारों पर चिंतन करने तथा संवाद करने का अवसर प्राप्त हुआ।

कार्यशाला में स्वामी विवेकानंद के शक्ति, आत्मविश्वास, शिक्षा, चरित्र और सेवा संबंधी विचारों के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं व्यक्तिगत उत्कृष्टता विकसित करने पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को भारत की स्वतंत्रता के महत्व पर विचार करने के साथ-साथ एक जिम्मेदार युवा नागरिक के रूप में अपनी भूमिका और एक प्रगतिशील, जिम्मेदार एवं समरस समाज के निर्माण में अपने योगदान को समझने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों ने विश्वविद्यालय के माननीय अध्यक्ष एवं स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंसेज के डीन के मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों से स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेकर एक सशक्त, जिम्मेदार एवं मूल्य-आधारित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के आह्वान के साथ हुआ।