उदयपुर। मेवाड़ के जंगलों में बनी सागवान मूवी के रिलीज की तारीख तय हो गई है। इस मूवी को लेकर बेसब्री से इंतजार था जो अब 16 जनवरी को पूरा होने जा रहा है। इस मूवी में अंधविश्वास, डर और इंसानी सोच की गहराइयों को दिखाया जाएगा।
इस फिल्म की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसके कलाकार, तकनीक और संगीत—सब कुछ शुद्ध रूप से राजस्थानी है। यह फिल्म साबित करती है कि हमारे पास कहानियों की कमी नहीं है, बस उन्हें सहेजने वाले दिल की जरूरत थी।

उदयपुर के पुलिस अधिकारी हिमांशु सिंह राजावत ने खाकी की उसी गरिमा और समाज की उसी कड़वी सच्चाई को समेटकर फिल्म तैयार की है।
दक्षिणी राजस्थान के सागवान के जंगलों के बीच पनपी यह कहानी मर्डर मिस्ट्री तक सीमित नहीं है। मूवी में अंधविश्वास को लेकर काफी काम किया गया है। आज भी विज्ञान के युग में मासूमों की जान का दुश्मन बना हुआ है। फिल्म की पटकथा इस बुनियादी सवाल को कुरेदती है कि जब इंसान की आस्था, डर में बदल जाती है, तो वह हैवानियत की हदें क्यों पार करने लगता है।
आज के दौर में जहाँ सिनेमा अक्सर हिंसा, शोर-शराबे और फूहड़ता की तरफ झुक जाता है, वहीं ‘सागवान’ ने एक साफ़-सुथरी लकीर खींची है। सेंसर बोर्ड ने भी इस फिल्म की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणा बताया है। बिना किसी अपशब्द या अश्लीलता के, यह फिल्म एक ऐसी गंभीर कहानी कहती है जिसे आप अपने माता-पिता और बच्चों के साथ बैठकर गर्व से देख सकते हैं।
यह फिल्म सुदूर जंगलों में रहने वाले उन मासूम और सीधे-सादे भाई-बहनों की कहानी है, जो शिक्षा की कमी की वजह से आज भी अंधविश्वास के चंगुल में फंस जाते हैं। ‘सागवान’ उन लोगों का हाथ थामने की एक कोशिश है, जो अज्ञानता के अंधेरे में भटक गए हैं। यह फिल्म डराने नहीं, बल्कि जागरूक करने और एक-दूसरे का सहारा बनने का संदेश देती है
यह फिल्म किसी काल्पनिक दुनिया की नहीं, बल्कि समाज की सत्य घटनाओं से प्रेरित है। यह हमें सिखाती है कि आस्था और विश्वास जहाँ हमें ताकत देते हैं, वहीं अंधविश्वास हमें कमजोर बनाता है। पुलिस अफसर हिमांशु सिंह राजावत और उनकी पूरी टीम ने इस फिल्म के जरिए समाज को एक आईना दिखाया है, जिसमें उम्मीद का उजाला साफ नजर आता है।
‘सागवान’ का आना राजस्थानी सिनेमा के लिए एक 'मील का पत्थर' है। यह उन तमाम कलाकारों और फिल्मकारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है जो अपनी भाषा और संस्कृति में कुछ बड़ा करना चाहते हैं।
रियल लाइफ अनुभव से निकली रील लाइफ कहानी
फिल्म के मुख्य किरदार में नजर आ रहे हैं पुलिस अधिकारी हिमांशु सिंह राजावत, जिन्होंने न सिर्फ अभिनय किया है बल्कि फिल्म की कहानी, संवाद और निर्देशन की जिम्मेदारी भी संभाली है।
हिमांशु सिंह राजावत ने बताया कि यह कहानी किसी एक केस की नहीं, बल्कि उन अनुभवों का निचोड़ है, जो एक पुलिस अफसर अपने पूरे करियर में देखता है। इस मूची में हिमांशु सिंह राजावत के साथ सयाजी शिंदे, एहसान खान, मिलिंद गुणाजी और रश्मि मिश्रा नजर आएंगे।
फिल्म के निर्माता प्रकाश मेनारिया और सह-निर्माता अर्जुन पालीवाल बताते हैं कि ‘सागवान’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि समाज को सोचने पर मजबूर करने वाली कोशिश है। फिल्म को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिल चुका है और मूवी 16 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।