GMCH STORIES

शिक्षक संगठनो की बैठक में शिक्षा मंत्री के अड़ियल रवैय्ये को लेकर शिक्षक संगठन लामबंद

( Read 565 Times)

30 May 26
Share |
Print This Page
शिक्षक संगठनो की बैठक में शिक्षा मंत्री के अड़ियल रवैय्ये को लेकर शिक्षक संगठन लामबंद

बांसवाड़ा । राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के तानाशाहीपूर्ण रवैये को लेकर राजस्थान के सभी शिक्षक कर्मचारी संगठनों में राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम द्वारा रामगंज मंडी कोटा में विशाल अर्थी रैली निकाल कर आन्दोलन के बाद बदले की कार्यवाही भाजपा नेता द्वारा षडयंत्र पूर्वक fir के बाद स्थिति के मद्देनजर लामबंद होते नजर आ रहे है ।

जहां महासंघ एकीकृत ने मुख्यमंत्री को हस्तक्षेप करने ओर उचित मांगों पर समाधान करने हेतु 15 दिन का समय दिया है ।

इधर राजस्थान में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक शिक्षक भवन, लाल कोठी स्कीम जयपुर में अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ (अरस्तु) के प्रदेश अध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल की अध्यक्षता में की गई।

 राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम के बयाना जिलाध्यक्ष कृष्ण सिंह बैसला ने बताया कि बैठक में उपस्थित सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) की ओर से शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर रामगंजमंडी में शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से निकाली गई शिक्षक रैली को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की ओर से अपने कार्यकर्ता के मार्फत पुलिस थाने में दर्ज करवाई गई रिपोर्ट की कड़ी निन्दा करते हुए निन्दा प्रस्ताव पारित किया व एफआइआर वापस लेने की मांग की।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की तानाशाही व नकारात्मक रवैये से राज्य में शिक्षा, शिक्षार्थियों व शिक्षकों का बहुत नुकसान हो रहा है। इसको लेकर आंदोलन की आगामी रणनीति तय करने के लिए सभी शिक्षक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों की 14 जून को जयपुर में पुनः बैठक रखी गई है।

बैठक में ये पदाधिकारी उपस्थित थे

बैठक में शिक्षक संघ अरस्तु के रामकृष्ण अग्रवाल, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के अंजनी कुमार शर्मा, राजस्थान अध्यापक संघ टीजीटी के राधा मोहन मीणा, राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद के डॉ पंकज ओसवाल, शिक्षक पदोन्नति संघर्ष समिति के रूप सिंह मीणा, प्रबोधक संघ के कैलाश दादरवाल, राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत के गिरिराज शर्मा, राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के सियाराम शर्मा, वीरेन्द्र शर्मा एवं हेमंत कुमार जांगिड़ सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

*आगे क्या होगा*

14 जून को अधिकांश शिक्षक संघ एकजुट होकर सयुक्त संघर्ष समिति ओर संयुक्त मांग पत्र पर जोर दे सकते है और आन्दोलन तेज कर सकते हैं। इसमें कर्मचारी महासंघ भी शामिल हो सकते हैं। राष्ट्रीय शिक्षक संघ इस आन्दोलन में शामिल नहीं होने से अलग थलग पढ़ने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

इससे आठवें वेतनमान आयोग को लेकर नई चुनौती राज्य सरकार के सामने खड़ी कर सकते है।

प्रमुख मांगे क्या होगी

1.शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति 

2.शिक्षक कर्मचारियों की स्थाई स्थानांतरण नीति लागू करके तृतीय श्रेणी शिक्षकों सहित सभी संवर्ग के ट्रांसफर,प्रमोशन में पदस्थापन करना

3.ट्रांसफर,प्रमोशन में पदस्थापन में शुचिता पारदर्शिता परिशुद्धता हेतु काउंसलिंग प्रक्रिया में सभी रिक्त पदों को शामिल करना 

4.स्टार्फिंग पैटर्न के अनुसार नामांकन के अनुसार पद सृजित कर पदस्थापन करना

5.आर जी एच एस योजना में पेंशनर ओर राज्य कर्मचारी को चिकित्सा लाभ दिए जाना

6.सेवा निवृत अन्तिम भुगतान, डीए,डीआर एरियर, उपार्जित अवकाश नगद भुगतान करने में अघोषित रोक हटाना 

7.आठवें वेतनमान में फिटमेंट फैक्टर पर बात 

*संगठनों ओर सरकार के सामने समस्याएं क्या*

*डिजायर पद्धति से ट्रान्सफर करने पर रोक,स्थानांतरण नीति लागू करने पर विचार*

राजस्थान सरकार द्वारा आर एस एस समर्थित शिक्षक संगठन को महत्व दिए जाने से अधिकतर अन्य शिक्षक संगठन नाराज़ है और लामबंद होने से वातावरण दूषित हुआ है सरकार दबाव में है इसलिए स्थानांतरण नीति लागू करके डिजायर पद्धति से ट्रान्सफर करने पर रोक लगा सकती है 
इससे पदोन्नति, ट्रान्सफर में पार्टी कार्यकताओं में असंतोष फैल सकता हैं।

*आर एस एस नाराज़,शिक्षा मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप*

वही शिक्षकों में रामगंज मंडी कोटा आन्दोलन के बाद उत्साह है और शिक्षकों के दबाव में संयुक्त मांग पत्र,संघर्ष समिति द्वारा आन्दोलन तेज हो सकता हैं किन्तु आर एस एस इससे नाराज़ हो रहा हैं क्योंकि अपने चहेते शिक्षा मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोपों से खुद की छवि पर आंच आने से स्तब्ध है और अपने स्वयं सेवक सियाराम शर्मा को पीछे हटने को मना सकता है।

*आगामी मंत्रीमंडल विस्तार में मदन दिलावर की छुट्टी तय*

राजस्थान सरकार और आर एस एस मध्यम मार्ग अपना सकता है और आगामी मंत्रीमंडल परिवर्तन में वसुन्धरा राजे गुट के कालीचरण सर्राफ को शिक्षा मंत्री बनवा सकता है।
ओर मदन दिलावर से शिक्षा मंत्रालय छिन सकता है।

*राष्ट्रीय शिक्षक संघ द्वारा भितरघात से शिक्षक नाराज*

*सियाराम संगठन ताकतवर बन उभरा*

वही सरकार समर्थित शिक्षक संगठन राष्ट्रीय के अलग थलग पढ़ने की संभावनाएं भी है।
आम शिक्षकों में राष्ट्रीय शिक्षक संघ द्वारा आन्दोलन में भितरघात किए जाने ओर सरकार की गोद में बैठकर आनन फानन में समझौता करने से आम शिक्षक खुद को ठगा सा महसूस कर रहा हैं।

*पूर्व में भी भाजपा के विरुद्ध आन्दोलन कर चुके है सियाराम शर्मा*

1998 में भी विशाल आन्दोलन का नेत्तृत्व सियाराम शर्मा भाजपा के विरुद्ध कर चुके है और समझौता नहीं करने पर आर एस एस समर्थित शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रांतीय चुनाव में आर एस एस नाराज़ होकर शर्मा को हरवा चुका हैं तभी राष्ट्रीय को तोड़ कर सियाराम संगठन का निर्माण किया था 
सियाराम शर्मा के बलबूते ही विशाल संगठन राज्य भर में कार्यरत हैं।

कालीचरण सर्राफ और विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के काफी करीब है सियाराम शर्मा।

रामगंज मंडी कोटा आन्दोलन शुरू करने से पूर्व कई बार आर एस एस ओर  विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को आगे कर सरकार पर दबाव बना चुके है सियाराम शर्मा किन्तु कुर्सी के अहंकार में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने 34 बार आन्दोलन की चेतावनी को अनदेखा करके गोदी संगठन राष्ट्रीय शिक्षक संघ को छोड़ किसी से भी वार्ता करने से इन्कार करने से सियाराम संगठन दुविधा में आन्दोलन करने आगे आया।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के गृह विधान सभा क्षेत्र रामगंज मंडी कोटा जोकि भाजपा का गढ़ माना जाता हैं वहां अर्थी यात्रा रैली निकाल कर आन्दोलन करने से शिक्षा मंत्री खासे नाराज़ हैं उन्हें इतने बड़े विरोध ओर क्षेत्र के जनता के पुष्प वर्षा कर स्वागत करने की उम्मीद नहीं थी जिससे खीज कर उन्होंने अपने चाहते भाजपा कार्यकर्ता को आगे कर FIR करवा दी।

FIR ने आग में घी का काम किया ओर सभी शिक्षक कर्मचारी संगठनों को लामबंद होने का मौका दे दिया।

*विवादास्पद रहे है दिलावर*

अपने बयानों को लेकर आए दिन सुर्ख़ियों में रहने वाले शिक्षा मंत्री स्कूलों में अध्यापिकाओं के गणवेश को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग, शिक्षकों को मूर्ख बताना,निजी शिक्षण संस्थानों को लेकर सरकारी स्कूलों को सत्र बदलना, जर्जर शाला भवनो को लेकर कोई पहल नहीं करने से शिक्षकों में खासा आक्रोश व्याप्त हैं। वही सरकार ओर शिक्षा मंत्री पर डिजायर पद्धति से ट्रान्सफर करने की आड़ में भ्रष्टाचार करने के सियाराम संगठन के आरोपों से भाजपा और आर एस एस में हड़कंप है।
 


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like