GMCH STORIES

चित्तौड़गढ़ में 5 जुलाई से शुरू होगा 'सृजन रविवार', साहित्यकारों को मिलेगा साझा मंच

( Read 406 Times)

04 Jul 26
Share |
Print This Page

चित्तौड़गढ़ में 5 जुलाई से शुरू होगा 'सृजन रविवार', साहित्यकारों को मिलेगा साझा मंच

चित्तौड़गढ़। 21वीं सदी के राजस्थान साहित्यिक आंदोलन के अंतर्गत जिले में साहित्य, कला एवं संस्कृति को नई दिशा देने के उद्देश्य से 'सृजन रविवार – चाय के साथ साहित्यिक संवाद' का शुभारंभ रविवार, 5 जुलाई से किया जा रहा है। प्रथम आयोजन दोपहर 3:00 बजे से 5:00 बजे तक रितुराज वाटिका, चित्तौड़गढ़ में होगा।

आंदोलन के संस्थापक-प्रवर्तक अनिल सक्सेना 'ललकार' ने बताया कि यह आयोजन प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य जिले के साहित्यकारों, कवियों, लेखकों, कलाकारों, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा साहित्य, कला एवं संस्कृति प्रेमियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जहाँ आत्मीय वातावरण में साहित्य, संस्कृति, भाषा, लोककला और समसामयिक विषयों पर सार्थक संवाद हो सके।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक आयोजन में काव्यपाठ, कहानी, लघुकथा, ग़ज़ल, गीत, पुस्तक चर्चा, पुस्तक परिचय, पुस्तक विमोचन, युवा रचनाकारों की प्रस्तुतियाँ, वरिष्ठ साहित्यकारों के अनुभव तथा समसामयिक विषयों पर खुला संवाद आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक माह एक निर्धारित विषय पर विचार-विमर्श भी होगा।

सक्सेना ने कहा कि सृजन रविवार का उद्देश्य केवल साहित्यिक गोष्ठियों का आयोजन करना नहीं, बल्कि चित्तौड़गढ़ जिले की साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक चेतना को सशक्त बनाना तथा वरिष्ठ और युवा पीढ़ी के बीच रचनात्मक संवाद की सतत परंपरा विकसित करना है। यह मंच किसी एक संस्था, विचारधारा या साहित्यिक धारा तक सीमित न रहकर जिले के सभी साहित्य, कला एवं संस्कृति प्रेमियों के लिए समान रूप से खुला रहेगा।

कार्यक्रम के संरक्षक शिव मृदुल, सह संरक्षक रमेश मयंक तथा कार्यक्रम समन्वयक अखिलेश श्रीवास्तव ने जिले के साहित्यकारों, कलाकारों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं साहित्य प्रेमियों से इस अभिनव साहित्यिक अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया है।
 


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like