उदयपुर | राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय एवं कडी सर्व विश्वविद्यालय गुजरात के बीच गुरूवार को एमओयू हुआ। संयुक्त एमओयू पर विद्यापीठ की ओर से कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत के सानिध्य में रजिस्ट्रार डॉ. तरूण श्रीमाली, प्रो. सरोज गर्ग सर्व विश्वविद्यालय की ओर से डीन प्रो. वीणा पटेल, प्रो. भाविक शाह ने हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर प्रो. सारंगदेवोत ने कहा भारतीय संस्कृति, परम्परा एवं सभ्यता हर प्रदेश की अद्भुत है एमओयू के माध्यम से एक दूसरे की संस्कृति को जानने का अवसर मिलेगा। शिक्षक को शिक्षा का मजबूत स्तम्भ बताते हुए कहा कि संस्कृति की जड़ोें की ओर लौट कर ही भारत विश्व गुरू बन सकता है। हमें शोध एवं नवाचार पर अधिक जोर देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की वर्तमान चुनौतियों में शिक्षक को निरंतर समय के साथ अपडेट रहते हुए तकनीक साथ शिक्षा देेने की जरूरत है साथ ही विधार्थियोें के सर्वांगीण विकास में अध्यापक की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। शिक्षक को शिक्षा के साथ छात्रो में मुल्यपरक शिक्षा देते हुए छात्रों को समाज से जोड़ने की जरूरत है। तकनीक के युग में कट पेस्ट का समय चला गया, आज हर विधार्थी गुगल पर अपडेट है - ऐसे में शिक्षक एवं विधार्थी दोनों को अपडेट रहने की जरूरत है। शिक्षकों को कौशल विकास के साथ विधार्थी को ऐसी शिक्षा देनी होगी जिससे महाविद्यालयी शिक्षा पूरी करने के पर आत्म निर्भर बन सके।
इन विषयों पर बनी सहमति:-
निजी सचिव कृष्णकांत कुमावत ने बताया कि एमओयू के तहत दोनों संस्थानों के बीच वर्ष में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी करने, एक सप्ताह से लेकर एक माह तक का फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम, शौधार्थियों का आदान प्रदान, कौशल विकास के साझा प्रोग्राम पर सहमति बनी।
इस अवसर पर प्रो. बलिदान जैन, प्रो. अमी राठौड़, प्रो. सुनिता मुर्डिया, प्रो. भूरालाल श्रीमाली सहित संकाय सदस्य उपस्थित थे। संचालन प्रो. अमी राठौड ने जताया।