GMCH STORIES

विद्यापीठ - 12वां विश्व योग दिवस हर्षोल्लास से मनाया

( Read 834 Times)

21 Jun 26
Share |
Print This Page
विद्यापीठ - 12वां विश्व योग दिवस हर्षोल्लास से मनाया

उदयपुर  / 12वें विश्व योग दिवस पर राजस्थान विद्यापीठ के प्रतापगर स्थित महाराणा खेल मैदान पर स्वस्थ आयु के लिए योग थीम पर योग शिविर का आयोजन किया गया। योग शिविर में  बड़ी संख्याॅ में शरीक विद्यापीठ के तीनों परिसर के कार्यकर्ता, क्रिकेट अकेडमी के खिलाड़ियों विद्यार्थी व शहर के गणमान्य नागरिकों को योग गुरू डाॅ. रोहित कुमावत, अनिता राजपुत, मानव कुमावत  द्वारा योग थीम पर सभी कार्यकर्ताओं को प्राणायाम, अनुलोम विलोम, वज्रासन, चक्रासन, वक्रासन, हलासन, सर्वांगासन, पश्चिमोतान आसन, गोमुखासन, मत्स्यासन, उष्ट्रासन, ताड़ासन, पादहस्तासन, का करीब एक घंटे तक अभ्यास  कराया। कार्यक्रम के अंत में हास्य योग का भी अभ्यास कराया गया।
योग शिविर का शुभारंभ रजिस्ट्रार डाॅ. तरूण श्रीमाली, परीक्षा नियंत्रक प्रो. पारस जैन, प्रो. युवराज सिंह राठौड, डाॅ. भवानीपाल सिंह राठौड, प्रो. मलय पानेरी, प्रो. सरोज गर्ग, प्रो. हेमेन्द्र चैधरी ने माॅ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित व दीप प्रज्जवलित कर किया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने योग प्रेमियों से कहा कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है, योग के माध्यम से हम हमारे तन, मन, आत्मा को संतुलित रख सकते है।  प्राचीन समय से ही भारत योग के माध्यम से विश्व गुरू रहा है, आज की युवा पीढी तकनीेकी युग में इसे भूल रही है जिससे युवा कई बीमारियों से ग्रसित हो रहा है। योग केवल आंतरिक पूर्णता ही नहीं अपितु पंच तत्वों के संतुलन की क्रिया भी है जिसके माध्यम से हम शारीरिक, मानसिक, संवेदनात्मक एवं प्राकृतिक संतुलन स्थापित करते हैं। आज की युवा पीढी को योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। भारतीय योग परम्परा में योग शारीरिक व मानसिक क्रियाओं से कहीं आगे आत्म, चित्त-वृत्ति से जुड़ी वो क्रियाएँ हैं, जो आत्मा व परमात्मा से जुड़ाव के साथ-साथ मनुष्य व प्रकृति के श्रेष्ठतम सामंजस्य को प्रदर्शित करता है। योग में सदैव मानवीय मूल्यों और चारित्रिक उत्थान के भाव निहित होते हैं।
कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर ने कहा कि योग के माध्यम से हम सकारात्मक विचार ग्रहण करते हैं, जिससे शरीर में नवीन उर्जा का संचार होता है। योग के अभ्यास से शारीरिक, मानसिक एवं अध्यात्मिक स्वास्थ्य लाभ हेाता है जो कि आज की भाग-दौड़ भरी जीवनशैली में अत्यंत आवश्यक है।
योग शिविर में रजिस्ट्रार डाॅ. तरूण श्रीमाली, परीक्षा नियंत्रक प्रो. पारस जैन, प्रो. युवराज सिंह राठौड, डाॅ. भवानीपाल सिंह राठौड, प्रो. मलय पानेरी, प्रो. सरोज गर्ग, प्रो. हेमेन्द्र चैधरी, प्रोे. अमी राठौड, प्रो. रचना राठौड,  प्रो. सुनिता मुर्डिया, डाॅ. लीली जैन, डाॅ. चन्द्रेश छतलानी, कृष्ण कांत कुमावत, डाॅ. शाहिद कुरैशी,  डाॅ. सपना श्रीमाली, डाॅ. गुणबाला आमेटा, डाॅ. धीरेन्द्र सिसोदिया, डाॅ. हिम्मत सिंह, डाॅ. संजय चैधरी, डाॅ. हरीश मेनारिया, मनोज रायल, लहरनाथ, डाॅ. ललित सालवी, डाॅ. हरीब चैबीसा, त्रिभूवन सिंह सहित उपस्थित योग प्रेमियों ने नियमित योग करने का संकल्प लिया।
संचालन डाॅ. रोहित कुमावत ने किया जबकि आभार डाॅ. तरूण श्रीमाली ने जताया।
 


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like