उदयपुर / आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ में योग दिवस पर 'योग संगम पत्र' प्रदान किया गया है। यह सम्मान विद्यापीठ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित योग सत्रों तथा कोलकाता में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे राष्ट्रीय आयोजन के साथ पूर्ण समन्वय और रियल-टाइम में डिजिटल रूप से जुड़े होने पर दिया गया।
कुलपति प्रो. एस. एस. सारंगदेवोत ने कहा, "यह प्रमाण पत्र राजस्थान विद्यापीठ की प्राचीन भारतीय संस्कृति, स्वास्थ्य और समाज के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता का परिणाम है। कोलकाता में माननीय प्रधानमंत्री के मुख्य आयोजन के साथ कदम से कदम मिलाकर उदयपुर में विद्यापीठ की सहभागिता के साथ इस योग संगम को सफल बनाना एक ऐतिहासिक क्षण था। आयुष मंत्रालय से मिली यह राष्ट्रीय मान्यता हमारे इस विश्वास को और सुदृढ़ करती है कि योग केवल एक दिन का अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। राजस्थान विद्यापीठ भविष्य में भी योग और आरोग्य के संदेश को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा तथा ऐसी सभी राष्ट्रीय पहलों को हर संभव प्रशासनिक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सदैव तत्पर रहेगा।"
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. तरुण श्रीमाली ने कहा, "यह गर्व का विषय है कि विद्यापीठ के प्रबंधन, समन्वय और क्रियान्वयन को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। इस प्रकार के बड़े आयोजनों को सफ़लतापूर्वक आयोजित करने के लिए बहुत बारीक प्रशासनिक योजना और सुदृढ़ प्रबंधन की आवश्यकता होती है। हमारे योग विभाग, तकनीकी टीम और सभी संकाय सदस्यों ने मिलकर जिस प्रतिबद्धता के साथ काम किया, उसी का परिणाम यह प्रतिष्ठित 'योग संगम पत्र' है।"
ऑनलाइन कार्यों के समन्वयक डॉ. चंद्रेश छतलानी ने बताया, "तकनीकी और ऑनलाइन समन्वय के दृष्टिकोण से यह आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण था। आयुष मंत्रालय और राष्ट्रीय पोर्टल के साथ रियल-टाइम में डेटा, पंजीकरण और गतिविधियों का सुचारू समन्वय सुनिश्चित करना हमारी टीम के लिए एक बेहतरीन अनुभव रहा। इस डिजिटल युग में, तकनीक और भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का यह संगम नए भारत की पहचान है।"
योग दिवस समन्वयक डॉ. रोहित कुमावत ने कहा, "इस योग संगम कार्यक्रम को धरातल पर सफल बनाना और सभी प्रतिभागियों को अनुशासित रूप से योग की विभिन्न मुद्राओं और प्राणायाम का अभ्यास कराना एक अद्भुत अनुभव था। कार्यक्रम की सफलता इस बात में है कि इसमें सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयुष मंत्रालय द्वारा उनके मानकों पर इस आयोजन को जांचने के बाद यह 'योग संगम पत्र' हमारी पूरी योग व तकनीकी टीम की कड़ी मेहनत का प्रतिफल है।"
इस अवसर पर डॉ. एसबी नागर, डॉ. भवानी पाल सिंह राठौड़, डॉ. अनीता राजपूत, डॉ. मानव कुमावत और डॉ. विकास डांगी सहित विद्यापीठ के कार्यकर्ता उपस्थित थे।