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गीतांजलि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत बी.फार्म पाठ्यक्रम-2026 पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित

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17 Jul 26
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गीतांजलि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत बी.फार्म पाठ्यक्रम-2026 पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित

उदयपुर। गीतांजलि विश्वविद्यालय के गीतांजलि इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी द्वारा फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI), नई दिल्ली के सहयोग से "राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत बी.फार्म पाठ्यक्रम (2026) के प्रभावी क्रियान्वयन" विषय पर एक दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बी.फार्म पाठ्यक्रम-2026 में किए गए महत्वपूर्ण परिवर्तनों एवं सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए फार्मेसी शिक्षकों को तैयार करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) के माननीय उपाध्यक्ष श्री जे.एच. चौधरी के मुख्य आतिथ्य में हुआ। अपने उद्बोधन में उन्होंने वर्ष 2026 से देशभर में एक समान, आधुनिक एवं भविष्य उन्मुख फार्मेसी पाठ्यक्रम लागू करने के लिए PCI की प्रतिबद्धता और दूरदृष्टि पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं नए बी.फार्म पाठ्यक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इनमें PCI की कार्यकारी परिषद के सदस्य डॉ. एच. लालहलेनमाविया, ईआरसी के सह-अध्यक्ष एवं PCI के केंद्रीय परिषद सदस्य डॉ. सरथ चंद्रन सी, पूर्व प्रोफेसर एवं कार्यवाहक कुलपति प्रो. संदीप ग्रोवर, वरिष्ठ शैक्षणिक विशेषज्ञ डॉ. वी.के. मौर्य, PCI के केंद्रीय परिषद सदस्य डॉ. नीरज उपमन्यु तथा एआई विशेषज्ञ एवं आईसीएमआर के रिसर्च साइंटिस्ट श्री प्रतीक शुक्ला शामिल रहे।

विशेषज्ञों ने बी.फार्म पाठ्यक्रम-2026 की नई संरचना, लचीली एवं आउटकम बेस्ड एजुकेशन (OBE), ब्लूम्स टैक्सोनॉमी, आधुनिक मूल्यांकन प्रणाली तथा फार्मेसी शिक्षा एवं अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रभावी उपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न फार्मेसी महाविद्यालयों से 100 से अधिक प्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर नवीन शैक्षणिक परिवर्तनों एवं शिक्षण पद्धतियों की जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम का समापन गीतांजलि इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के प्राध्यापक एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. महेंद्र सिंह राठौड़ के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि गीतांजलि विश्वविद्यालय पारंपरिक फार्मेसी शिक्षा को आधुनिक तकनीक एवं वैश्विक शैक्षणिक मानकों से जोड़ते हुए बी.फार्म पाठ्यक्रम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर कार्यरत है।

इस अवसर पर गीतांजलि विश्वविद्यालय के कार्यकारी निदेशक श्री अंकित अग्रवाल, कुलपति डॉ. राकेश कुमार व्यास तथा कुलसचिव डॉ. अरविंद यादव ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर गीतांजलि इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी की आयोजन समिति को बधाई देते हुए इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।


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