अखिल भारतीय साहित्य परिषद कोटा इकाई के तत्वावधान में पल्लवी दरक न्याती की तीन पुस्तकों नमक मीठा चीनी खारी - काव्य संग्रह, दर्शन वंदन - भक्ति गीत संग्रह और सागर सीप - आलेख संग्रह का लोकार्पण मौजी बाबा धाम पर किया गया। सभी साहित्यकारों ने कृतियों की सराहना की । कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्य परिषद के अध्यक्ष एवं पूर्व महापौर महेश विजय ने की। डॉ. बी. सी. तेलंग मुख्य अतिथि रहे जबकि कोटा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. आदित्य कुमार गुप्ता एवं साहित्यकार विष्णु शर्मा हरिहर विशिष्ठ अतिथि रहे। साहित्यकार रामेश्वर शर्मा रामू भैया ने नमक मीठा चीनी खारी का परिचय देते हुए काव्य उद्धरण प्रस्तुत किया -
कोई ना किसी के साथ में
हर मानव अवसाद में
क्या जड़ क्या है चेतना
शीला बनी संवेदना
इच्छाएं जीवन पर भारी
नमक है मीठा चीनी खारी
डॉ. विजय न्याती ने दर्शन वंदन-भक्ति गीत संग्रह का परिचय देते हुए उद्धरण प्रस्तुत किया -
मैं ढूंढ रही जग में ऐसा गुरु मिल जाए
चंदा की किरण जैसे मन शीतलता पाए
मैं माया मोह फंसु मन लालच डेरा है
विषयों की वासना से चहुं और अंधेरा है
निर्मल हो जाए मन गंगाजल मिल जाए
चंदा की किरण जैसे मन शीतलता पाए
डॉ. इंदु बाला शर्मा ने सागर सीप आलेख संग्रह का परिचय देते हुए कहा कि कृति के आलेख बताते हैं मानव का धर्म है औरों के
लिए जीना और परहित काम करना। स्वयं जलकर भी दूसरों के जीवन को रोशन करना। ऐसे अद्भुत मानवों की हर समाज को तलाश है, जो खुद दीया बनाकर जलता रहे ,परंतु हर अंधेरे मन में प्रकाश की किरणें फैलाएं।
राम मोहन कौशिक ने आभार प्रदर्शन किया। साहित्यकार राजेंद्र मोरप्पा ने सहयोग प्रदान किया। संचालन अनुराधा शर्मा ने किया। शहर के अनेक साहित्यकार उपस्थित रहे।