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औपनिवेशिक मानसिकता से रेलवे को पूरी तरह मुक्त करना प्राथमिकताः श्री वैष्णव

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09 Jan 26
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औपनिवेशिक मानसिकता से रेलवे को पूरी तरह मुक्त करना प्राथमिकताः श्री वैष्णव

नई दिल्ली। अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में 101 रेलवे अधिकारियों को अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025 तथा विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 26 जोनों को शील्ड प्रदान की।
इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 2047 के विकसित भारत के सपने को पूरा काटने में रेल के योगदान सुनिश्चित करने के लिए रेलकार्मियों को 6 संकल्प दिलाये। रेलवे में नवाचार को बढ़ावा देने का संकल्प। सभी रेलकर्मी नवाचार अपनाएं और बढ़ावा दें। सुधारों पर जोर। उस बर्ष 52 सप्ताहों में 52 संस्थागत सुधार, ट्रैक मेंटेनेंस पर जोर देना और उसमे नई सोच और तकनीक को बढ़ावा, सेफ्टी को एक नये उच्च स्तर पर लें जाना ताकि हम यात्रियों को शत प्रतिशत सेफ यात्रा की गारंटी दे सकें, ट्रेनिंग रेफॉन्स पर जोर। अधिकारीयों और कर्मचारियों की ट्रेनिंग के नये मापदंड अपनाना ताकि बदलते परिदृश्य में हम बेहतर काम कर सकें तथा औपनिवेशिक मानसिकता को रेल से समाप्त करना।
केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में 101 रेल अधिकारियों को 70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार तथा विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 26 जोन को शील्ड प्रदान की। इस समारोह में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ श्री सतीश कुमार, रेलवे बोर्ड के सदस्य तथा विभिन्न रेल मंडलों एवं उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधक उपस्थित रहे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने भारतीय रेल के विद्युतीकरण के 100 वर्ष पूर्ण होने पर डाक टिकट भी जारी किया।
पुरस्कार और शील्ड प्रदान करने के बाद उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने सभी पुरस्कार विजेताओं को उनके असाधारण कार्यों और प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने पिछले एक दशक में भारतीय रेल में हुई परिवर्तनकारी प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने रेलवे में संरक्षा, रिफॉर्म, नवाचार पर बल दिया, साथ ही रेलवे से औपनिवेशिक मानसिकता को पूरी तरह से खत्म करने पर जोर दिया।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ श्री सतीश कुमार ने अपने स्वागत भाषण में भारत में रेल यात्रियों को विश्व स्तरीय यात्रा के अनुभव के साथ-साथ किफायती रेल सेवाएं प्रदान करने की भारतीय रेल की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। नई दिल्ली में यशोभूमि में सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष रेलवे बोर्ड ने कहा कि गति, आराम और सुरक्षा के सिद्धांतों में उत्कृष्टता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हम यात्री अनुभव को बेहतर बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक को शामिल कर रहे हैं। उन्होंने सभी पुरस्कृत अधिकारियों, कर्मचारियों की प्रशंसा की और बधाई दी।
भारतीय रेल द्वारा हर साल अपने कर्मचारियों को अति विशिष्ट रेल पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। ये पुरस्कार दो श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं, व्यक्तिगत पुरस्कारए साथ ही सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले रेलवे जोन को शील्ड प्रदान की जाती है। व्यक्तिगत पुरस्कार भारतीय रेल को अधिक कुशलए, सुरक्षित और यात्री-अनुकूल संगठन बनाने की दिशा में रेल कर्मियों के समर्पण, कड़ी मेहनत और असाधारण योगदान की सराहना करने और जश्न मनाने के मंच का कार्य करते हैं। विभिन्न श्रेणियों में शील्ड पुरस्कार भारतीय रेल के समग्र प्रदर्शन में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों और योगदान की प्रशंसा करते हुए प्रदान किए जाते हैं।


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