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बजट सत्र से पहले भजनलाल सरकार ने बढ़ाई अपनी सक्रियता केबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले 

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21 Jan 26
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एन जी भट्ट 

बजट सत्र से पहले भजनलाल सरकार ने बढ़ाई अपनी सक्रियता केबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले 

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नकीब के निर्वाचन के लिए प्रदेश के बीस वरिष्ठ नेताओं के प्रस्तावक बनने तथा उनके निर्विरोध चुनाव के बाद प्रधानमंत्री और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में हुई उनकी ताजपोशी और राजस्थान के केन्द्र में मंत्रियों और सांसदों के साथ नई दिल्ली के बीकानेर हाऊस में डीनर के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में आने वाले विधानसभा के बजट सत्र को देखते हुए अपनी सरकार के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए तेज फैसले लेने का काम शुरू कर दिया है।

मुख्यमंत्री भजनलाल ने राजधानी दिल्ली से जयपुर लौट कर कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की है जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए है।

राज्य के अशांत क्षेत्रों में स्थायी निवासियों को अपनी स्थायी सम्पतियां कम दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए दि राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ इम्मूवेबल प्रोपर्टी एण्ड प्रोविजन फोर प्रोटेक्शन ऑफ टेनेन्ट्स फ्रॉम एविक्शन फ्रॉम प्रिमाइसेज इन डिस्टर्ब्ड एरियाज बिल, 2026’ के प्रारूप को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई है। इस विधेयक के पारित होने के बाद राज्य में अशांत क्षेत्रों में स्थाई निवासियों की सम्पत्तियों एवं उक्त सम्पत्तियों पर किरायेदारों के अधिकारों को संरक्षण प्रदान किया जा सकेगा और राज्य में सामुदायिक सद्भावना और सामाजिक संरचना कायम रखी जा सकेगी। इस विधेयक को अब विधानसभा के आगामी सत्र में रखा जाएगा।मंत्रिमंडल की बैठक में राजस्थान एयरोस्पेस एण्ड डिफेन्स पॉलिसी–2025 का अनुमोदन भी किया गया है। यह नीति प्रदेश में रक्षा तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहन देने के साथ ही राजस्थान को एयरोस्पेस और डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग का महत्वपूर्ण हब बनाने की दिशा में सहायक होगी तथा 
इस क्षेत्र में बड़े निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ एमएसएमई, स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित इकोसिस्टम के विकास पर केन्द्रित यह नीति आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगी। इस नीति के तहत विनिर्माण परियोजनाओं के लिए न्यूनतम 50 करोड़ रूपये से 300 करोड़ रूपये तक अचल पूंजी निवेश को लार्ज, 300 करोड़ से 1 हजार करोड़ को मेगा और 1 हजार करोड़ रूपये से अधिक को अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं की श्रेणी में रखा जाएगा।  सर्विस सेक्टर के लिए 25 करोड़ से 100 करोड़ रूपये तक अचल पूंजी निवेश वाली परियोजनाएं लार्ज, 100 करोड़ से 250 करोड़ रूपये तक मेगा और 250 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को अल्ट्रा मेगा की श्रेणी में रखा जाएगा। इसके साथ ही उद्योगों को दीर्घकालिक राहत देने के लिए 7 वर्षों तक विद्युत शुल्क से शत प्रतिशत छूट, 7 वर्षों तक मंडी शुल्क अथवा बाजार शुल्क का शत प्रतिशत पुनर्भरण, स्टाम्प शुल्क,  रूपांतरण शुल्क में 75 प्रतिशत छूट तथा 25 प्रतिशत पुनर्भरण की व्यवस्था भी की गई है। राजस्थान एयरोस्पेस एण्ड डिफेन्स पॉलिसी–2025 से राज्य में एयरोस्पेस एवं डिफेन्स सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा, उच्च तकनीक आधारित उद्योग स्थापित होंगे और युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे. 

राज्य केबिनेट ने प्रदेश की पहली राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी–2025 को आज कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई। यह नीति राज्य को सेमीकंडक्टर विनिर्माण, डिजाइन, पैकेजिंग तथा संबद्ध इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में देश का प्रमुख गंतव्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नीति के तहत इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत अनुमोदित परियोजनाओं को आकर्षक प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे। केबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों से पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को प्रोत्साहित करने के लिए पर्यावरणीय परियोजनाओं की लागत का 50 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति, कैप्टिव पावर प्लांट के लिए सात वर्षों तक विद्युत शुल्क से शत प्रतिशत छूट तथा राजस्थान ग्रीन रेटिंग सिस्टम के अंतर्गत प्रमाणित इकाइयों को सहमति शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा सकेगी। 


प्रदेश में अक्षय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बीकानेर जिले की बीकानेर तहसील के ग्राम लाखूसर में 72.06 हैक्टेयर भूमि एवं जैसलमेर जिले की उपनिवेशन तहसील रामगढ़ कई हैक्टेयर भूमि सशर्त कीमत में आवंटित करने की स्वीकृति मंत्रिमंडल ने दी है। इन निर्णयों से राज्य की सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और आमजन को सुगम विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 में किसी भी प्रकार से बाल विवाह में भाग लेने, उसकी संविदा करने अथवा स्वयं बाल विवाह करने वाले सरकारी कर्मचारी को अनुशासनिक कार्यवाही के लिए उत्तरदायी ठहराया गया है। इस नियम में बाल विवाह का अर्थ अब बाल विवाह निरोधक अधिनियम, 2006 के अनुरूप माना जाएगा. इस अधिनियम में बालक की परिभाषा 21 वर्ष से कम आयु के पुरुष तथा 18 वर्ष से कम आयु की महिला के रूप में निर्धारित की गई है।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गरीब, युवा, अन्नदाता एवं नारीशक्ति के कल्याण के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार जल्द ही ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट, ग्राम- 2026’ का आयोजन करने जा रही है. इसके बारे में भी आज मंत्रिपरिषद में चर्चा की गई।ग्राम के इस महत्वपूर्ण आयोजन में किसानों और पशुपालकों की सहभागिता सुनिश्चित कर उन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के क्रम में प्रदेश के प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर 23 जनवरी से ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ये शिविर दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे. बसंत पंचमी के शुभ अवसर 23 जनवरी को प्रथम चरण की शुरूआत होगी, जिसमें 24, 25 व 31 जनवरी को शिविर आयोजित किए जाएंगे। वहीं, दूसरे चरण में 1 फरवरी और 5 से 9 फरवरी तक इनका आयोजन होगा. इस प्रकार 10 दिनों तक प्रदेशभर में 2 हजार 839 शिविर प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक प्रदेशभर में आयोजित किए जाएंगे।इन शिविरों से पहले 22 जनवरी को ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को ग्राम उत्थान शिविरों में होने वाली गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी। आने वाले पंचायत राज निकायों के चुनावों की दृष्टि से भी यह एक अहम फैसलाहै।

केबिनेट की बैठक में  23 जनवरी को बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर  प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों में एक साथ मेगा पीटीएम का आयोजन किया जाएगा।
यह कार्यक्रम न केवल राज्य का अब तक का सबसे बड़ा शैक्षिक सहभागिता आयोजन होगा, बल्कि अभिभावकों की सहभागिता के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में भी एक निर्णायक कदम होगा।इस ऐतिहासिक आयोजन में 65 लाख अभिभावकों की सहभागिता होगी, जो 31 अक्टूबर को आयोजित पिछले मेगा पीटीएम में निर्धारित 41 लाख के लक्ष्य से कहीं अधिक है.
• बसंत पंचमी के दिन ही मेगा पीटीएम होने से राज्य के सभी राजकीय विद्यालयों में सरस्वती वंदना की जाएगी और कृष्ण भोग का आयोजन किया जाएगा. यह पहल विद्यार्थियों को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने के साथ-साथ विद्यालयों में सामूहिक सहभागिता और सकारात्मक वातावरण को भी मजबूती मिलेगी। 

बजट सत्र से पहले इस बैठक में नए बनने वाले कानूनों और नीतियों को लेकर की गई कवायत आने वाले दिनों में प्रदेश के आर्थिक सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में नए आयाम जोड़ेगी इसी उम्मीद है।


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