नई दिल्ली/उदयपुर।नये यूजीसी नियमों के विरोध में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा 1897 मूल की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। महासभा के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व कुलपति प्रोफेसर अमेरिका सिंह ने इन नियमों को “काला कानून” बताते हुए केंद्र सरकार से तत्काल प्रभाव से इन्हें वापस लेने की मांग की है।
प्रोफेसर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नये नियम शिक्षा के मूल उद्देश्यों के विपरीत हैं और इससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता व स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास—एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना से भटककर समाज के एक वर्ग पर नियम थोपे जा रहे हैं, जिससे सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन नियमों को लागू किया गया तो विश्वविद्यालय परिसरों में अपराध व आपराधिक घटनाओं की आशंका बढ़ेगी, शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होगा और आपसी वैमनस्य को बढ़ावा मिलेगा। यह कानून समाज को सशक्त करने के बजाय उसे विघटित करने वाला सिद्ध होगा और देश की शिक्षा प्रणाली को गंभीर क्षति पहुंचा सकता है।
महासभा की ओर से नरेंद्र मोदी सरकार से आग्रह किया गया है कि वह नये यूजीसी नियमों को तत्काल वापस ले और उच्च शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता को बनाए रखने के लिए व्यापक संवाद के बाद ही कोई निर्णय ले।