लखनऊ, उत्तर प्रदेश फार्मेसी कॉलेज एवं फार्मा इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन की सामान्य सभा की बैठक गुरुवार को होटल अवध इंटरनेशनल, न्यू हाईकोर्ट, लखनऊ में आयोजित हुई। बैठक में प्रदेशभर के फार्मेसी कॉलेजों एवं फार्मा इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों ने प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. अमरिका सिंह ने की।

बैठक को फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) के अध्यक्ष डॉ. मंतु पटेल ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि छात्रों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए तथा प्रदेश में बी.फार्मा एवं एम.फार्मा दोनों पाठ्यक्रमों का व्यापक स्तर पर संचालन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि इन पाठ्यक्रमों वाले संस्थानों की संख्या कम होगी तो उच्च शिक्षा, शोध एवं योग्य शिक्षकों की उपलब्धता प्रभावित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राज्यों से शिक्षकों को उत्तर प्रदेश लाना कठिन होता है, इसलिए राज्य में ही योग्य शिक्षकों का विकास किया जाना चाहिए।
बैठक में उत्तर प्रदेश में समर्पित फार्मा विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। एसोसिएशन ने कहा कि प्रदेश में लगभग 2700 फार्मेसी कॉलेज एवं 1100 फार्मा इंडस्ट्रीज कार्यरत हैं। ऐसे में शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण, नवाचार और प्लेसमेंट को सुदृढ़ करने के लिए एक विशेष फार्मा विश्वविद्यालय की स्थापना समय की आवश्यकता है। एसोसिएशन ने इस संबंध में शीघ्र ही राज्य सरकार से औपचारिक आग्रह करने का निर्णय लिया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेश के सभी फार्मेसी कॉलेजों और फार्मा इंडस्ट्रीज के बीच मजबूत समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि छात्रों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण, इंटर्नशिप एवं बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
इसके अलावा फार्मेसी शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण पर भी सहमति व्यक्त की गई। एसोसिएशन ने सरकार से अनुरोध करने का निर्णय लिया कि आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक की तर्ज पर फार्मेसी छात्रों के लिए भी फार्मास्यूटिकल उद्योगों में अप्रेंटिसशिप (Apprenticeship) की व्यवस्था लागू की जाए, जिससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके और उनकी रोजगार क्षमता बढ़े।
बैठक का समापन एसोसिएशन के सचिव श्री अवधेश कुमार वर्मा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसके पश्चात सभी प्रतिभागियों के लिए स्वागत लंच का आयोजन किया गया।