जैसलमेर। इन्दिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) जैसलमेर एवं द्वितीय चरण में जल वितरण एवं उपयोग के संबंध में गठित परामर्शदात्री समिति की बैठक सोमवार को आईजीएनपी परिषद सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य अभियन्ता आईजीएनपी बीकानेर विवेक गोयल ने की।
बैठक में जनप्रतिनिधि मूलाराम, पूर्व प्रधान भागीरथ तेजवाल, किसान प्रतिनिधि सहबाज खां एवं बैणसिंह राठौड़ सहित विभागीय अधिकारी रामावतार मीना, होती लाल मीना, मधुसूदन राजौत, रामचन्द्र ईनानिया (अधीक्षण अभियन्ता), समस्त अधिशासी अभियन्ता, सहायक अभियन्ता सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं किसानों ने 1700 क्यूसेक से अधिक जल आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने पर मुख्य अभियन्ता विवेक गोयल के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उपस्थित किसानों ने मुख्यतः नहरी पानी चोरी होने की घटनाओं को रोकने, डिग्गीयों की आवयश्क मरम्मत करवाने के साथ ही नहरों के बीच एवं आस-पास उगें बबूलों, झाडियां हटानें संबंधित समस्याएं रखी। मुख्य अभियन्ता ने किसानों के सुझावों पर अमल करते हुए मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को उनके समस्याओं पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
मुख्य अभियन्ता विवेक गोयल ने इन्दिरा गांधी नहर परियोजना की स्थापना, विकास एवं वर्तमान जल वितरण व्यवस्था पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि अभियन्ताओं एवं कर्मचारियों के सतत प्रयासों से जल का समुचित वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आगामी समय में जैसलमेर एवं बीकानेर जिलों में सिंचाई एवं पेयजल की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी तथा 1254 हेड से न्यूनतम 1700 क्यूसेक से अधिक जल आपूर्ति निरंतर जारी रहेगी। साथ ही उन्होंने सभी प्रगतिरत निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के प्रारंभ में अधीक्षण अभियन्ता रामावतार मीना ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का स्वागत करते हुए अवगत कराया कि 4 अक्टूबर 2025 को आयोजित पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार 4 जनवरी 2026 तक चार में से दो समूहों में जल वितरण किया जा रहा है। बैठक में नहरी पानी की चोरी रोकने के लिए आरएसी जवानों की तैनाती का सुझाव भी दिया गया।
जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी ने दूरभाष पर बैठक में सहभागिता करते हुए कहा कि रबी 2025-26 में किसानों को पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण पानी मिला है तथा आगामी तीन बारियों में भी इसी प्रकार जल उपलब्ध कराया जा रहा है। पूर्व प्रधान मूलाराम चौधरी सहित उपस्थित किसानों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी रबी फसल के लिए जल उपलब्धता को संतोषजनक बताया।
विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि राजस्थान जल नीति-2010 के अनुसार पेयजल को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई है। पेयजल की आवश्यकता मनुष्य एवं पशुओं दोनों के लिए अनिवार्य होने के कारण इसमें किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जा सकती। वर्तमान में बांधों में कुल 48.52 प्रतिशत इनफ्लो शेष अवधि में आने की संभावना कम प्रतीत हो रही है।
बैठक में आंशिक अथवा पूर्ण नहरबंदी पर भी विचार-विमर्श किया गया। निर्णय लिया गया कि मुख्य नहर की पंजाब एवं राजस्थान सीमा में लाइनिंग कार्य के लिए आवश्यकता अनुसार आंशिक/पूर्ण नहरबंदी की जा सकेगी, जिसमें पेयजल आपूर्ति को प्रथम प्राथमिकता दी जाएगी।