जैसलमेर। प्रदेश में जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए उसे जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा आगामी 25 मई से “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026” प्रारंभ किया जाएगा। अभियान के प्रभावी संचालन एवं जिलेभर में व्यापक तैयारियों को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य कार्यकारी अधिकारी रश्मि रानी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया तथा अभियान की रूपरेखा, गतिविधियों एवं समन्वित कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी रश्मि रानी ने कहा कि जल संरक्षण केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि सामाजिक चेतना एवं सामूहिक उत्तरदायित्व का विषय है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि अभियान को गांव-ढाणी से लेकर शहर तक प्रभावी जनसहभागिता के साथ संचालित किया जाए, ताकि आमजन में जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति स्थायी जागरूकता विकसित हो सके।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान आयोजित प्रत्येक गतिविधि की नियमित मॉनिटरिंग मोबाइल एप एवं पोर्टल के माध्यम से सुनिश्चित की जाए तथा नवाचारों एवं स्थानीय सहभागिता को प्राथमिकता देते हुए इसे जनआंदोलन का रूप दिया जाए। उन्होंने विशेष रूप से जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, पर्यावरण प्रेमियों, महिला समूहों, युवाओं, स्कूल-कॉलेजों, स्काउट-गाइड, पुलिस, अर्धसैनिक बलों तथा ग्रामीण एवं शहरी समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” 25 मई से प्रारंभ होकर 5 जून 2026 विश्व पर्यावरण दिवस तक संचालित होगा। अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विविध गतिविधियों के माध्यम से आमजन को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान में लगभग 23 विभागों की सहभागिता रहेगी तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जल एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रमों को एकीकृत रूप से जोड़ा जाएगा।
अभियान के दौरान जिलेभर में जल एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अनेक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें जल संरक्षण विषयक प्रदर्शनियां एवं विचार संगोष्ठियां, पीपल पूजन एवं पौधरोपण, तालाबों एवं जल स्रोतों की सफाई, नालों से गाद निकालना, चारागाहों का चिन्हीकरण, जल रिचार्ज तकनीकों का प्रचार-प्रसार, सड़क किनारे एवं ओरण क्षेत्रों में वृक्षारोपण, सोख्ता गड्ढों का निर्माण, “जल सेवा” अभियान, प्रभात फेरियां, “नो प्लास्टिक डे”, बीज बैंक गतिविधियां, घास बुवाई, किसान चौपाल, लघु सिंचाई योजनाओं का प्रचार-प्रसार, पौध वितरण तथा “जल गौरव सम्मान” जैसे कार्यक्रम प्रमुख रूप से आयोजित किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026” के अंतर्गत जल शक्ति अभियान, कर्मभूमि से मातृभूमि, हरियालो राजस्थान, “एक पेड़ मां के नाम”, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान एवं स्वच्छ भारत मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं एवं अभियानों को भी समाहित किया गया है। अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को जनजीवन की व्यवहारिक संस्कृति से जोड़ते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की मजबूत नींव तैयार करना है।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र सिंह सांदू, जल ग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग के अधीक्षण अभियंता कौशल पालीवाल, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. उमेश वर्गटीवार, सहायक निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क प्रवीण प्रकाश चौहान, वन विभाग के एसीएफ डॉ. भंवर लाल चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।