जैसलमेर । जिले में चल रहे ग्रामीण सेवा शिविर राजस्व मामलों के निस्तारण में ग्रामीणों के लिए बहुत ही लाभदायी साबित हो रहे हैं। विशेष रुप से शिविरों में वर्षो से आपसी सामलाती भूमि का सहमति बंटवारे से हिस्से की भूमि का मालिकाना हक मिल रहा है। ग्राम पंचायत राजगढ़ में ऐसा ही मामला देखा गया जिसमें 07 खातेदारों को आपसी सहमति बंटवारे से बहुत बड़ी राहत मिली एवं लम्बे समय से लम्बित कार्य का शिविर की बदौलत एक दिवस में निस्तारण हो गया।
शिविर में उगमसिंह पुत्र शिवदानसिंह, रविन्द्रसिंह पुत्र देरावरसिंह, विजयसिंह पुत्र उदयसिंह, श्रीमती संतोष कंवर पत्नी देरावरसिंह, सुमेरसिंह, हरीसिंह खमाणसिंह पुत्र उदयसिंह निवासी राजगढ़ जिनकी पैतृक भूमि सामलात थी उन्होंने शिविर प्रभारी तहसीलदार हजारा राम के समक्ष आपसी सहमति से भूमि बंटवारा करने के सम्बन्ध में प्रार्थना-पत्र दिया। उन्होंने मौके पर ही भू-अभिलेख निरीक्षक व पटवारी को बंटवारा प्रकरण तैयार कर स्वीकृति हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
भू-अभिलेख निरीक्षक व पटवारी ने इन सभी खातेदारों की सामलाती भूमि का सहमति से बंटवारा कर उनके हिस्से की भूमि का राजस्व रिकार्ड में इन्द्राज किया एवं नई जमाबंदी तैयार की। तहसीलदार हजारा राम ने शिविर में इन सभी खातेदारों को उनके हिस्से की भूमि का बंटवारा कर बंटवारा सहमति पत्र व नई जमाबन्दी प्रदान की। जैसे ही इन खातेदारों की भूमि का असली मालिकाना हक बंटवारे से मिला तो उनके परिवार में खुशियां छा गयी एवं सभी ने इस कार्य के लिए संवेदनशील मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शिविर के बदौलत उन्हें इतनी बड़ी राहत ही नहीं मिली बल्कि परिवार में भूमि को लेकर होने वाले छोटे-मोटे झगड़ों से हमेशा के लिए निजात मिल गई। इस प्रकार इन खातेदारों के लिये राजगढ़ का शिविर बहुत ही राहतदायी साबित हुआ एवं परिवार में खुशियॉं दे गया।
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों ने प्रशासन की तत्परता, सक्रियता एवं समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में किए प्रयासों की सराहना की। उन्होने इस पहल को अत्यंत लाभकारी बताया।