इंदिरा कॉलोनी,स्टेशन क्षेत्र कोटा निवासी, प्रेम सिंह परिहार का बीती रात बुधवार को निवास स्थान पर ही, आकस्मिक निधन हो गया। आर्य समाज के निति,नियम सिद्धांत को जीवन में आत्मसात करने वाले प्रेम सिंह, न सिर्फ प्रकृति प्रेमी थे,बल्कि बालिका शिक्षा,पर्यावरण, बच्चों व महिलाओं के अधिकारों के लिये उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया ।
प्रेम सिंह, आर्य समाज रेलवे कॉलोनी की कोषाध्यक्ष, पाल बघेल क्षत्रिय समाज कोटा के पूर्व अध्यक्ष पद पर रहकर भी उन्होंने समाज के लिए काफी सेवा कार्य किए। वर्ष 2018 में, प्रेम सिंह ने अपना नेत्रदान और देहदान का संकल्प पत्र शाइन इंडिया फाउंडेशन के साथ भरा था,और अभी 2 दिन पहले ही,उन्हें अपनी मृत्यु के पूर्वाभास होने के कारण पत्नी कमला को,देहदान और नेत्रदान के लिए बता दिया था ।
शोक की घटना होते ही बेटे सत्यव्रत ने अल सुबह 4:00 बजे ही, शाइन इंडिया के डॉ कुलवंत गौड़ को संपर्क किया । डॉ गौड़ के मार्गदर्शन और दिशा निर्देश पर, निवास पर नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न हुई और परिवार के सदस्यों की सहमति से,उनकी मृत देह को,कोटा से 40 किलोमीटर दूर बूंदी के राजकीय मेडिकल कॉलेज लाया गया।
प्रेम सिंह के बेटे सत्यव्रत,बेटी क्षेमिका,पत्नि कमला,भाई ओमप्रकाश पाल, नित्येंद्र सिंह पाल सहित करीबी रिश्तेदारों और मोहल्ले के 200 से अधिक लोगों ने नम आंखों से,आर्य समाज के वैदिक मंत्रों के साथ प्रेम सिंह की देह को कोटा से बूंदी में देहदान के लिए रवाना किया ।
रेलवे क्षेत्र के आर्य समाज के अध्यक्ष हरिदत्त शर्मा ने प्रेम सिंह के आकस्मिक निधन पर दुख जताते हुए कहा कि, प्रेम ने अपने पिता शंकर लाल से प्राप्त आर्य समाज शिक्षा,नीति,नियम और सिद्धांतों को अपनाया, उनके अचानक इस तरह से चले जाने से,पूरे क्षेत्र के सभी आर्य समाज के सहयोगियों को दुख पहुंचा है । हमारा प्रयास रहेगा कि,उनके सेवा कार्यों को जन-जन तक पहुंचाया जाये । यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी ।
नेत्रदान देहदान के उपरांत, संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन और राजकीय मेडिकल कॉलेज, बूंदी की ओर से परिवार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, इस दौरान मेडिकल कॉलेज के भावी चिकित्सक भी मौजूद थे ।
संस्था के बूंदी शहर के ज्योति मित्र इदरीस बोहरा ने बताया कि,संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के माध्यम से बूंदी को सर्वप्रथम पहला देहदान केशोरायपाटन निवासी स्व० पिंकी छाबड़ा का वर्ष 2023 में, वर्ष 2025 में स्व० सुरेंद्र कुमार विजयवर्गीय और अभी यह वर्ष 2026 का पहला देहदान स्व० प्रेम सिंह परिहार का संस्था के माध्यम से किया गया है ।