समिति ने जोधपुर एयरफील्ड और उसके आसपास के विभिन्न पर्यावरणीय मुद्दों की समीक्षा की, जिसमें खुले नाले, अनाधिकृत निर्माण और एयरफील्ड के आसपास कचरे का अनुचित निपटान शामिल है। ये मुद्दे न केवल महत्वपूर्ण सुरक्षा चिंताएं पैदा करते हैं, बल्कि जोधपुर एयरफील्ड से संचालित होने वाले सैन्य और नागरिक दोनों विमानों के पक्षियों से टकराने (बर्ड स्ट्राइक) के जोखिम को भी बढ़ाते हैं।
समिति ने वायु सेना स्टेशन जोधपुर के आसपास बढ़ते बर्ड हजार्ड से निपटने की तत्काल आवश्यकता को स्वीकार किया। समिति ने पर्यावरणीय स्थितियों की निरंतर निगरानी और मूल्यांकन के महत्व पर बल दिया, साथ ही पक्षियों से खतरे को कम करने के उद्देश्य से निवारक उपायों को बढ़ावा देने हेतु निरंतर जन जागरूकता पहलों पर भी जोर दिया। समिति ने स्थानीय समुदाय के हितों की रक्षा करते हुए विमानन के लिए एक सुरक्षित और अधिक टिकाऊ परिचालन वातावरण सुनिश्चित करने हेतु एक समन्वित अंतर-एजेंसी दृष्टिकोण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।